चुनावों की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग की जांच पड़ताल तेज हो जाती है. चौतरफा नजर रखती आयोग की नजर अब उत्तर प्रदेश में जगह जगह लगी मूर्तियों पर गई है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री मायावती और बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां नहीं दिखाई देंगी.आयोग का मानना है कि ये मूर्तियां चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है जिससे बीएसपी को चुनाव में फायदा हो सकता है.
सूत्रों के अनुसार कुछ राजनीतिक दलों ने इन मूर्तियों के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है, जिसके बाद आयोग इन मूर्तियों को ढ़कने के फैसले पर विचार कर रहा है. चुनाव आयोग की होने वाली बैठक में अगर इस फैसले पर आधिकारिक मुहर लग गई तो ये मायावती के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा.


