उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने कल हरिद्वार में संवाददाता सम्मेलन के दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक पर भूमि हथियाने का आरोप लगने के बाद अपनी कार से उन्हें उतर जाने को कहा. संवाददाता सम्मेलन में खंडूरी को एक व्यक्ति ने बीच में रोका और कौशिक पर हरिद्वार में जमीन हथियाने का आरोप लगाया. इस आरोप से खंडूरी तिलमिला गए और बीच में ही संवाददाता सम्मेलन से उठ गए.
संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ कौशिक भी थे. जाते वक्त जब खंडूरी अपनी कार में सवार हुए तब दूसरी ओर से स्थानीय विधायक कौशिक भी उनकी कार में चढ़े. कुछ ही मिनट में खंडूरी ने कौशिक से कार से उतर जाने को कहा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बिशन सिंह चुफल को बुलाकर उन्हें उनके साथ जाने को कहा. बाद में कौशिक ने आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि वह कहीं किसी जमीन को हथियाने में शामिल नहीं रहे हैं.
इस समय ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक दूसरों पर आरोप लगाने वाली भाजपा खुद भष्टाचार के मुद्दे पर घिरती नजर आ रही है. पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे बीएस येदुरप्पा ने आरोपो से घिर जाने के कारण 31 जुलाई 2011 को राज्यपाल एचआर भारतद्वाज को अपना इस्तीफा सौपा था. और अब वही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के करीबी एवं राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक पर भूमि हथियाने का आरोप लग रहा है. कौशिक ने आरोपों का खंडन किया और कहा है कि वह कहीं भी और किसी भी जमीन को हथियाने में शामिल नहीं हैं.
कहने वाले कहते हैं कि मदन कौशिक ने निशंक के मुख्यमंत्रित्व काल में भी मंत्री रहते हुए कई जगहों पर जमीन कब्जाए और खंडूरी के शासनकाल में भी मंत्री पद की शोभा बढ़ा रहे हैं. देखना है कि खंडूरी सिर्फ कार से उतारकर तात्कालिक नाराजगी जताने तक ही रह जाते हैं या फिर पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई भी करते हैं.


