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जयपुर की नेहा ने रचा कीर्तिमान, एवरेस्‍ट बेस कैम्‍प पर पहुंचीं

ऐसे कितने ही लोग हैं जो अपने शहर, अपने राज्य का नाम रौशन करने के लिए क्या कुछ नहीं करते। जयपुर की ही एक बेटी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि पूरे शहर को उस पर नाज है। हम बात कर रहे हैं श्याम नगर में रहने वाली नेहा भटनागर की। नेहा भारतीय सेना में मेजर है। हाल ही में नेहा ने ऐवरेस्ट की 17,500 मीटर ऊंचाई को छुआ है। ऐसा करने वाली नेहा जयपुर की पहली आर्मी ऑफिसर बन गई हैं। सेना में ऐसा करने वाली वो दूसरी महिला ऑफिसर हैं। ऐवरेस्ट पर यह अभियान 22 मार्च को शुरू हुआ था। 15 अप्रैल को नेहा ऐवरेस्ट के बेस कैम्प में पहुंची।

ऐसे कितने ही लोग हैं जो अपने शहर, अपने राज्य का नाम रौशन करने के लिए क्या कुछ नहीं करते। जयपुर की ही एक बेटी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि पूरे शहर को उस पर नाज है। हम बात कर रहे हैं श्याम नगर में रहने वाली नेहा भटनागर की। नेहा भारतीय सेना में मेजर है। हाल ही में नेहा ने ऐवरेस्ट की 17,500 मीटर ऊंचाई को छुआ है। ऐसा करने वाली नेहा जयपुर की पहली आर्मी ऑफिसर बन गई हैं। सेना में ऐसा करने वाली वो दूसरी महिला ऑफिसर हैं। ऐवरेस्ट पर यह अभियान 22 मार्च को शुरू हुआ था। 15 अप्रैल को नेहा ऐवरेस्ट के बेस कैम्प में पहुंची।

नेहा की बड़ी बहन गरिमा बताती हैं कि यह कीर्तिमान रचने के बाद नेहा का उन्हें एसएमएस मिला, जिसमें नेहा ने लिखा था कि मेरे सपनों की इस यात्रा को हकीकत बनाने के पीछे एक प्यार है जो बहुत मजबूत है, एक जुनून जो बहुत गहरा है, एक महत्वाकांक्षा जो बहुत ऊंची है। गरिमा बताती हैं कि नेहा बचपन से ही प्रतिभावान रही है। इससे पहले भी वो कई कीर्तिमान रच चुकी है। सियाचिन तक पहुंचने वाली वो पहली महिला आर्मी ऑफिसर रही हैं। सियाचिन के द इंदिरा कॉल ग्लेशियर पर नेहा ने 15 अगस्त 2009 को तिरंगा फहराया था। नेहा महारानी कॉलेज की छात्रा रही हैं और 21 साल की उम्र में उसे भारतीय सेना में कमीशन मिला। वो बचपन से ही काफी सक्रिय छात्रा थीं। बचपन से ही उसका सेना में जाने का सपना था। इसी कारण कॉलेज में एनसीसी में भी काफी सक्रिय रही। नेहा के पिता आरएएस रहे हैं। अब रिटायर हो चुके योगेश भटनागर कहते हैं कि मेरे चार बेटियां हैं। चारों पर मुझे नाज है। नेहा ने अब एक और कीर्तिमान रचा है, जिस पर हम सब को गर्व है।

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