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जहाज में भी आराम से बैठने नहीं दिया अन्ना को

न्यूज चैनल वाले भी हर समय एक्सक्लूसिव और टीआरपी बढ़ाने के चक्कर में लगे रहते हैं। बस उन्हें मौका चाहिए, फिर वे चूकते नहीं है। अनशन खत्म करने के बाद से अन्ना हजारे गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी में दाखिल थे। तेरह दिन तक दिल्ली के रामलीला मैदान में अपना खेल दिखाने के बाद पूरा मीडिया खासकर चैनल वाले फिर वहां पहुंच गए।

न्यूज चैनल वाले भी हर समय एक्सक्लूसिव और टीआरपी बढ़ाने के चक्कर में लगे रहते हैं। बस उन्हें मौका चाहिए, फिर वे चूकते नहीं है। अनशन खत्म करने के बाद से अन्ना हजारे गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी में दाखिल थे। तेरह दिन तक दिल्ली के रामलीला मैदान में अपना खेल दिखाने के बाद पूरा मीडिया खासकर चैनल वाले फिर वहां पहुंच गए।

 

इन्हीं से बचने के लिए दो दिन पहले ही अस्पताल की ओर से यह घोषणा की गई थी कि अन्ना अभी चार-पांच दिन और अस्पताल में रहेंगे, लेकिन कल शाम करीब सात बजे इन चैनल को जैसे ही पता चला कि अन्ना की अस्पताल से छुट्टी हो गई है और वे किंगफिशर की फ्लाइट से पूना जा रहे हैं, फिर उसके बाद रालेगण सिद्धि जाएंगे। बस फिर क्या था सभी चैनल वालों ने अपने-अपने रिपोर्टर और कैमरामैन अन्ना के साथ ही लगा दिए। उनकी बुकिंग भी उसी फ्लाइट में करा दी, जिससे अन्ना जा रहे थे। थोड़ी ही देर में शुरू हो गया चैनल वालों का खेल। जिस भी न्यूज चैनल पर लगाओ, वही यह दावा कर रहा था कि अन्ना के साथ सिर्फ हमारी टीम और चल रही एक्सक्लूसिव की पट्टी। आज सुबह-सुबह होते सब चैनलों पर यही दावा कि हम थे अन्ना के साथ। यानि कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि चैनल वालों ने जहाज में भी अन्ना को आराम से यात्रा नहीं करने दी।

ये विचार पत्रकार दीपक खोखर के हैं.

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