उदयपुर : राजस्थान साहित्य अकादमी और राजस्थान साहित्यकार परिषद, कांकरोली के संयुक्त तत्वावधान में 11 मई 2012 को साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित समारोह में सुप्रसिद्ध कवि, कथाकार और साहित्यिक पत्रिका ‘सम्बोधन’ के सम्पादक क़मर मेवाड़ी के सद्य प्रकाशित कथा संग्रह ‘जिजीविषा और अन्य कहानियाँ’ का लोकार्पण राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष वेद व्यास ने किया। वेद व्यास ने कहा कि कमर मेवाड़ी ने पिछले 55 वर्षों से निरन्तर लेखन से साहित्य के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान दिया है जिसे विस्मृत नहीं किया जा सकता। उन्होंने वरिष्ठ रचनाकारों के समग्र लेखन पर विमर्श पर भी जोर दिया।
वरिष्ठ कवि एवं चिंतक प्रोफेसर नंद चतुर्वेदी ने कहा कि रचनाकार के अवदान को भिन्न–भिन्न परिप्रेक्ष्य में देखना एवं उसके रचनाकर्म का मूल्याँकन करना चाहिये। प्रतिष्ठित कथाकार डॉक्टर राजेन्द्र मोहन भटनागर ने क़मर मेवाड़ी के रचनाकर्म एवं सम्पादकीय योगदान को रेखांकित किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर भगवती लाल व्यास, डॉक्टर महेन्द्र भानावत, डॉक्टर मंजु चतुर्वेदी और माधव नागदा ने लोकार्पित पुस्तक की कहानियों पर पत्रवाचन के माध्यम से विवेचना प्रस्तुत की। कथाकार क़मर मेवाड़ी ने अपने कथा संग्रह में से ‘ऊँचे कद का आदमी’ कहानी का वाचन किया। संयोजक नरेन्द्र ‘निर्मल’ ने क़मर मेवाड़ी के सम्पूर्ण साहित्यिक अवदान एवं ‘सम्बोधन’ के माध्यम से किये जा रहे साहित्यिक योगदान को रेखांकित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
समारोह के आरम्भ में अतिथियों को माल्यार्पण एवं श्रीजी का प्रसाद भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि वेद व्यास, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर राजेन्द्र मोहन भटनागर, समारोह अध्यक्ष नंद चतुर्वेदी, कृतिकार क़मर मेवाड़ी और पुस्तक के प्रकाशक शिल्पायन के ललित शर्मा का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समारोह का आगाज प्रसिद्ध गजलकार शेख हमीद की गजल से हुआ। स्वागत उद्बोधन मधुसूदन पाण्ड्या ने दिया और आभार कर्नल देशबंधु आचार्य न व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन अकादमी सचिव डॉक्टर प्रमोद भट्ट न किया।


