झुंझुनूं। प्रदेश के सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह के गृह जिले का सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय इन दिनों गहलोत सरकार व झुंझुनूं प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए भाजपा पदाधिकारियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर जहर उगलने वाले विपक्षी दल इस सरकारी कार्यालय परिसर में बैठकर ही सरकार के विरोध में आंदोलनकारी रणनीति तैयार करते है। यहां का अनाथ सरकारी विभाग सूचना केन्द्र सरकार विरोधी आंदोलन चलाने वालों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहीं पर ज्ञापन से लेकर नारेबाजी व तमाम आंदोलन की रणनीति आंदोलनकारी तय करते है। गहलोत सरकार की जनहित की योजनाओं का प्रचार व प्रसार वाला महकमा ही स्वयं सरकार विरोधी लोगों को खुला संरक्षण दे रहा है। मजे की बात तो यह है कि सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री इस जिले के ही प्रतिनिधि हैं उसके बावजूद सरकार विरोधी लोग यहां सरकारी परिसर में ही आंदोलन की रूप रेखा बनाये। तो मंत्रीजी की कार्यशैली पर भी कई सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
जनपद के पत्रकारों में मंत्री के प्रति गहरी नाराजगी बनी हुई है। मंत्रीजी चाटुकारों से घिरे हुए है। उनके अधीन कार्यालय परिसर में ही गहलोत सरकार के विरोध करने वाले भाजपा व अन्य दलों के लोग अपनी रणनीति यहीं बैठकर बना रहे हैं। इस सूचना केन्द्र में आयेदिन आंदोलनकारियों की भीड़ होने से आम पाठक अंदर तक नहीं आ सकता है। यहां पत्रकारों के लिए बना मीडिया सेंटर कागजों में चल रहा है। यहां आने वाला बजट का भी बंटर बांट हो रहा है। यहां मंत्रीजी के गृह जिले के उनके विभाग के ही इस कार्यालय में सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी सहायक जन सम्पर्क अधिकारी का पद खाली पड़ा है।
मंत्रीजी की गहलोत सरकार के प्रति क्या मंशा है वो तो समझते हैं। लेकिन यहां जगंल राज चल रहा है। राष्ट्रीय जर्नलिस्ट ऐसोसियन के झुंझुनूं शाखा जिलाध्क्ष ओम स्वामी, झुंझुनूं जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष, प्रेस क्लब अध्यक्ष रमेश सर्राफ, पत्रकार मो. रफीक सहित जनपद के पत्रकारों राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस सूचना केन्द्र की सुध लेने की मांग की है तथा तत्काल प्रभाव से यहां सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी के खाली पड़े पदों को भरने की मांग की है। संविदा पर लगे एक दो लोग ऐसे हैं जिनकी पृष्ठ भूमि जनसंघ से जुड़ चुकी है जो कि आंदोलनकारियों को खुला संरक्षण इस सरकारी परिसर में ही मिल रहा है। संविदा पर लगे ऐसे लोगों को हटाने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। गौरतलब है कि एक सेवक तो यहां ऐसा है जोकि मंत्रीजी की आड़ लेकर जमकर चांदी काट रहा है तथा मंत्रीजी की छवी को बट्टा लगाने में डटा हुआ है।


