टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने टीवी चैनल्स पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। पेपर में दिए गए सुझावों का टीवी चैनल्स के एड रेवेन्यु पर बुरा असर देखने को मिल सकता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक टीवी चैनलों को प्रति घंटे में 12 मिनट के विज्ञापन दिखाने की छूट है। इसमें 2 मिनट के प्रोग्राम प्रमोशन शामिल हैं, हालांकि इसका हिसाब 24 घंटे के औसत के हिसाब से किया जाता है। जिसके तहत टीवी चैनल्स हर घंटे 10 मिनट से कम या ज्यादा विज्ञापन दिखाकर इस समय सीमा को पूरा करते हैं।
टेलीकॉम नियामक के कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक अब किसी भी फ्री-टू-एयर चैनल को हर घंटे 12 मिनट से ज्यादा विज्ञापन दिखाने की छूट नहीं होगी। वहीं पे-चैनल्स के लिए यह सीमा 6 मिनट प्रति घंटे की होगी। साथ ही टीवी चैनल एक घंटे में 4 से ज्यादा ब्रेक नहीं ले पाएंगे। टेलीवीजन इंडस्ट्री से इस कंसल्टेशन पेपर पर राय मांगी गई है। इंडस्ट्री को अपने सुझाव 27 मार्च तक ट्राई के पास जमा कराने हैं। इंडस्ट्री की मांग है कि इसके लिए एक सनसेट क्लॉज बनाया जाए, जो दिसंबर 2014 तक पूरा हो। इस वक्त तक इंडस्ट्री के डिजिटाइजेशन का प्रोसेस पूरा हो जाएगा, और ब्रॉडकास्टर्स को सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू मिल सकेगा। साभार : मनीकंट्रोल


