
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में सरकार बनाने के बाद, अरविंद केजरीवाल की युवा वर्ग के बीच जगह बनाने की कोशिशों को करारा झटका लगा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ (डूसू) के इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी की यूथ विंग ‘छात्र युवा संघर्ष समिति’ अपना खाता खोलने में नाकाम रही। जबकि आरएसएस आनुषांगिक छात्र शाखा ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ (एबीवीपी) ने लगातार दूसरी बार चारों सीटों पर जीत का परचम लहराया है।
डूसू चुनाव परिणाम एनएसयूआई के लिए भी लगातार दूसरे साल करारा झटका है, पिछले वर्ष भी उसे एबीवीपी के हाथों चारों सीटें गवांनी पड़ी थी। एनएसयूआई अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर दूसरे नंबर पर रहीं। एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद के लिए संतिदर अवाना, सन्नी डेढ़ा को उपाध्यक्ष, अंजलि राणा को सचिव और छतरपाल यादव को संयुक्त सचिव पद के लिए मैदान पर उतारा गया था। अध्यक्ष पद पर सतिंदर अवाना को करीब 6500 वोटों से बड़ी जीत मिली है। दिल्ली यूनिवर्सटी छात्र संघ चुनाव के इन नतीजों से आम आदमी पार्टी को बड़ी निराशा हाथ लगी है। इस बार के डूसू चुनाव में 43 प्रतिशत मतदान हुआ है।


