नई दिल्ली। देश की जनता को एक बार फिर महंगाई से जूझना पड़ सकता है। डीजल व रसोई गैस के दामों में आज बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है। डीजल और एलपीजी गैस के दाम बढ़ाने को लेकर आज दोपहर मंत्री समूहों की बैठक होने वाली है। दोपहर एक बजे होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी करने वाले हैं। माना जा रहा है कि डीजल में दो से तीन रुपए तथा एलपीजी सिलेंडर में 25 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। केरोसिन के दाम भी बढ़ाए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि क्रूड ऑयल महंगा होने से तेल कंपनियां घाटा उठा रही हैं। इसी कारण पेट्रोलियम पदाथोंü के दामों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी इस महीने के शुरू में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले थे और तेल कंपनियों को हो रहे घाटे पर चर्चा की थी। बताया जा रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की बिक्री पर 15.44 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। ऐसे में इस वक्त करीब 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है। इतना ही बोझ सरकार नगद सब्सिडी देकर या उत्पाद एवं सीमा शुल्क कम करने उठा सकती है। बाकी बोझ ओएनजीसी जैसी तेल उत्खनन कंपनियां और तेल वितरण कंपनियां मिलकर उठाएंगी।
कुछ इसी तरह का उपाय केरोसिन की बिक्री पर हो रहे 27.47 रुपये प्रति लीटर के नुकसान और घरेलू रसोई पर हो रहे 381.14 रुपये प्रति सिलेंडर के नुकसान की भरपाई के लिए किया जा सकता है। सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय को लगता है कि क्रूड ऑयल के आयात पर लगने वाले 5 फीसदी आयात शुल्क को खत्म किया जा सकता है और डीजल आयात पर लगने वाले 7.5 फीसदी शुल्क को घटाकर 2.5 फीसदी किया जा सकता है। बाकी घाटे को पूरा करने के लिए शुल्कों में कटौती और केंद्र सरकार की तरफ से नकदी सब्सिडी बढ़ाने के विकल्प पर विचार होगा। हालांकि मुद्रास्फीति की दर 9 फीसदी के आसपास पहुंच गई है। इस स्थिति में डीजल और रसोई गैस में भारी बढ़ोतरी संभव नहीं दिख रही है।


