लखनऊ : मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री कहती हैं कि भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा तो वहीं बसपा नेताओं और पुलिस की मिलीभगत से दंबगई और भ्रष्टाचार का खेल जारी है। ताजा मामला आजमगढ़ का है। पीयूसीएल ने प्रदेश के खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के चेयरमैन व बसपा नेता कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा के रिश्तेदार शिवपूजन विश्वकर्मा द्वारा खल्लाबाद, ग्राम दाउदपुर के दिलराम यादव की जमीन को स्थानीय थाना के प्रभारी शिवशंकर सिंह के सहयोग से कब्जाने का आरोप लगाया है।
पीयूसीएल के प्रदेश संयुक्त सचिव व आजमगढ़ प्रभारी मसीहुद्दीन संजरी, तारिक शफीक ने कहा कि आज दिलराम यादव उनके पास आए जिसको संज्ञान में लेते हुए पीयूसीएल ने प्रथम दृष्टया जांच में पाया कि शिवपूजन विश्वकर्मा ने निजामाबाद के पुलिस कर्मियों के साथ कल दिनांक 20 जुलाई और आज 21 जुलाई को 45 वर्षीय दिलराम यादव के घर जाकर उनको और 42 वर्षीय उनकी पत्नी रमावती को मारापीटा और उनको जमीन से हट जाने की धमकी दी। आज मौका-ए-वारदात पर पीयूसीएल ने पाया कि थाना निजामाबाद की पुलिस खड़ी होकर जमीन कब्जा करवा रही थी।
पीयूसीएल के प्रदेश संगठन सचिव शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने कहा कि प्रदेश के खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के चेयरमैन व बसपा नेता कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा अपने पद और पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं जिसमें स्थानीय थाना भी संलिप्त है। ऐसे में हम मांग करते हैं कि तत्काल पीड़ीत परिवार की सुरक्षा की गारंटी और जमीन पर अवैध कब्जे को हटाया जाय। और बसपा नेता और उसके रिश्तेदार और थानाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज किया जाय।


