Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

दो तस्करों को घुसपैठिए बताकर मारे जाने की सचित्र कहानी

राजस्थान के बाड़मेर सेक्टर से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर से गुरुवार देर रात बीएसएफ के सजग जवानों ने पाकिस्तान की सीमा से भारतीय सीमा में हुए घुसपैठ के एक प्रयास को विफल करते हुए उंट पर आये दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया, इस घटना में ऊंट भी घायल हो गया। घुसपैठियों के पास किसी प्रकार का कोई कन्साईनमेंट तो बरामद नहीं हुआ हैं, मगर संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि इनका मकसद कोई अंवाछनीय था। सीमा सुरक्षा बल ने इस घटना के विरोध में पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की गई, जिसमें उन्होंने घुसपैठियों के शव व घायल ऊंट को लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था मारे गए इन घुसपैठियों से उनका कोई ताल्लुकात नहीं है।

राजस्थान के बाड़मेर सेक्टर से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर से गुरुवार देर रात बीएसएफ के सजग जवानों ने पाकिस्तान की सीमा से भारतीय सीमा में हुए घुसपैठ के एक प्रयास को विफल करते हुए उंट पर आये दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया, इस घटना में ऊंट भी घायल हो गया। घुसपैठियों के पास किसी प्रकार का कोई कन्साईनमेंट तो बरामद नहीं हुआ हैं, मगर संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि इनका मकसद कोई अंवाछनीय था। सीमा सुरक्षा बल ने इस घटना के विरोध में पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की गई, जिसमें उन्होंने घुसपैठियों के शव व घायल ऊंट को लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था मारे गए इन घुसपैठियों से उनका कोई ताल्लुकात नहीं है।

बाड़मेर सीमा पर मारे गए दो घुसपैठियों ने गुप्तचर विभाग और बीएसएफ की दिक्कत बढ़ा डाली है. दरअसल यह वही इलाका हैं जहा से सन 2009 में हथियार पार हुए थे। बाड़मेर से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा चौकी ओएलडी केकेडी काछबो की ढाणी के सीमा स्तंभ 861 से पाकिस्तान की सीमा ऊंट पर आकर दो संदिग्ध पाक घुसपैठियें को सजग सुरक्षा बलों ने भारतीय सीमा में घुसते हुए देखा। सूत्रों ने बताया कि दोनों पाकिस्तानी घुसपैठियों के भारतीय सीमा पर लगी तारबंदी के पास पहुंचने पर बीएसएफ के जवानों ने उन्हें चेतावनी देते हुए रुकने को कहा मगर दोनों घुसपैठिये ने सारी चेतावनी को अनसुना कर दिया, इस पर बीएसएफ के जवानों ने फायरिंग कर दोनों घुसपैठियों को मार गिराया। इस गोलीबारी में ऊंट भी घायल हो गया। इस दौरान आठ राउंड फायर हुए जिसमें एक हेड कांस्टेबल ने तीन और कांस्टेबल ने पांच फायर किए।

शुक्रवार सुबह घटना स्थल की तलाशी लेने पर हालांकि घुसपैठियों के पास कोई तस्करी का कन्साईनमेंट तो नहीं मिला, परन्तु ये संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि उनका कोई मकसद सही नहीं था, वे किसी अवांछनीय गतिविधि को अंजाम देने के लिए भारतीय सीमा में घुस रहे थे। मारे गए घुसपैठियों में एक की उम्र 32 साल तथा दूसरे की 25 साल हैं। दोनों के शव तारबंदी के पास पड़े हैं, पाकिस्तान रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की गई, जिसमें उन्हें कड़ा प्रोटेस्ट नोट दिया गया तथा सीमा पार से घुसपैठ के प्रमाण भी सौंपे गए, मगर पाक रेंजरों ने इस घुसपैठ से पला झाड़ते हुए शव व घायल उंट को लेने से साफ इनकार कर दिया।

उल्लेखनीय सुरक्षा व खुफिया ऐजेंसियों को पिछले काफी समय से सूचनाएं मिल रही हैं कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बाड़मेर जैसलमेर से लगते अपने सीमा क्षेत्र में करीब 400 किलो हेरोईन डंप करके रखी हैं, इन्हें भारतीय सीमा में पैठकर तस्करों के माध्यम से घुसाने के प्रयास किये जा रहे थे। बताया जाता हैं कि एक दो कन्साईनमेंट भारतीय सीमा में पहुंच गए थे। पुलिस ने इसी केकेडी काछबो की ढाणी क्षेत्र में दो तस्करों से कुछ दिन पहले पूछताछ भी की थी, इसको देखते हुए ये संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि मारे गए दोनों घुसपैठियों का कोई लिंक काचबो की ढाणी से हो सकता हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां गुत्थी सुलझाने में लगी हैं। पूरी सीमा पर अत्यधिक सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं, सीमा पर कड़ी चौकसी रखी जा रही हैं।

आखिर क्या है अखबारों और रेशमी धागों का राज़ : बाड़मेर सीमा पर मारे गए इन दोनों पाकिस्तानियों से चार अंग्रेजी और दो उर्दू अखबार और बड़ी मात्रा में रेशमी धागे मिलने से यह राज़ परेशानी का कारण बन गया हैं कि आख़िर उनका मकसद क्या था और रेशमी धागे को वो पकिस्तान से साथ क्यों लेकर आये थे। साथ ही जांच का विषय यह भी हैं कि वो पाकिस्तानी अखब़ार जो इनके पास मिले हैं, उनमे ऐसी क्या सूचनाए थी जो इनको सीमा पार तक खींच लाई। 

भभूते की ढाणी हैं पास में आशंकाए और ज्यादा गहराई : सीमा पार से भारी मात्रा में हेरोइन, आरडीएक्स और हथियार वर्ष 2009 में घटना स्थल से मात्र चंद मीटर की दूरी पर पार हुए थे। उस मामले में तत्कालीन जोधपुर आईजी राजीव दासोत ने सीमा पार से सुरंग बना कर तस्करी होने और लापरवाही का सारा ठीकरा बीएसएफ पर फोड़ा था, लेकिन सवाल यह हैं कि बीकेडी (भभूते की ढाणी) के पास का रास्ता ही इन्होंने क्यों चुना?

पहला मामला जब ऊँट पर घुसपैठ : ऐसा नहीं हैं सीमा पार करने के लिए पाकिस्तानियों के द्वारा पहली बार ऐसे प्रयास हुआ हैं, लेकिन बीएसएफ का चौंकाने वाला बयान यह हैं कि ऊँट के जरिए घुसपैठ हो रही थी। सूत्रों की माने तो यह घुसपैठ नहीं बल्कि खेप सीमा पार करवाने को यहाँ पहुंचे थे, इनका प्लान यह था कि वे खेप का पैकेट सीमा पार रिसीवर के सामने फेंक कर वापस जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और जिस जगह उनको जाना था वहां से रास्ता भटक कर वे दूसरे स्थान पर आ गए।

बाड़मेर से दुर्गसिंह पुरोहित की रिपोर्ट.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...