नई दिल्ली। सरकार नोबेल पुरस्कार विजेता दम्पति गुनार एवं अल्वा मिरदल के लेखक पुत्र जान मिरदल की भारत यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है क्योंकि उसका मानना है कि वह माओवादी समर्थक है। भारत सरकार 85 वर्षीय जान मिरदल की ओर से कथित रूप से माओवादी समर्थक विचारधारा के लिए उनके भविष्य की यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है जिसके माता पिता प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु एवं इंदिरा गांधी के नजदीकी मित्र थे।
गृह मंत्रालय ने पाया है कि स्वीडन के लेखक ने इस वर्ष कोलकाता, हैदराबाद, लुधियाना और दिल्ली में आयोजित होने वाले नक्सल समर्थक सम्मेलनों में हिस्सा लिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी :माओवादी: की विचारधारा का कथित रूप से समर्थन किया। गृह राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा, ‘‘जान मिरदल ने भारत में अपने प्रवास के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी :माओवादी: को सलाह दी थी सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए और मानवाधिकार मुद्दों को रेखांकित करते हुए मध्यम वर्ग का समर्थन जुटाये।’’ गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई बिना रोकटोक घूमते हुए उन माओवादियों का समर्थन करे तो वे मूक दर्शक नहीं बने रह सकते जो भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार सशस्त्र विद्रोह से पलटना चाहते हैं।


