Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

निशंक काल के घोटालों की सीबीआई जांच कराने की मांग

देहरादून। उत्तराखण्ड की नवनियुक्त बी.सी.खण्डूरी सरकार को भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदेश्‍ा अध्यक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में जहां हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउन्ड से विधानसभा तक विशाल रैली निकाली, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. हरक सिंह रावत ने सदन में मोर्चा संभाला। उत्तराखण्ड विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र के पहले दिन जैसे ही सत्र की शुरुआत हुई, कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में भारी हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्‍टाचार के अनेक आरोप लगाकर खण्डूरी सरकार व पूर्ववर्ती निशंक सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विधायकों ने कुम्भ मेला, दैवीय आपदा, बहुचर्चित ऋषिकेश के स्टर्डिया काण्ड की सी.बी.आई. जांच की मांग को लेकर विधानसभा में पोस्टर लहराये।

देहरादून। उत्तराखण्ड की नवनियुक्त बी.सी.खण्डूरी सरकार को भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदेश्‍ा अध्यक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में जहां हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउन्ड से विधानसभा तक विशाल रैली निकाली, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. हरक सिंह रावत ने सदन में मोर्चा संभाला। उत्तराखण्ड विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र के पहले दिन जैसे ही सत्र की शुरुआत हुई, कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में भारी हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्‍टाचार के अनेक आरोप लगाकर खण्डूरी सरकार व पूर्ववर्ती निशंक सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विधायकों ने कुम्भ मेला, दैवीय आपदा, बहुचर्चित ऋषिकेश के स्टर्डिया काण्ड की सी.बी.आई. जांच की मांग को लेकर विधानसभा में पोस्टर लहराये।
घोटालों की सी.बी.आई. जांच मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष सहित विधायक दिनेश अग्रवाल, किशोर उपाध्याय सहित अनेको कांग्रेस विधायक सदन में धरने पर बैठ गये। विधानसभा अध्यक्ष हरवंश कपूर द्वारा विधायकों को कई बार समझाने का प्रयास किया गया। विधायकों के न मानने पर अध्यक्ष को सदन कई बार स्थगित करना पड़ा। भोजनावकाश से आधा घण्टा पूर्व विधान सभाध्‍यक्ष ने हंगामे के बीच में ही सदन की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी। सबसे पहले मुख्यमंत्री की ओर से संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पन्त ने मौजूदा विधानसभा के 5 वर्षीय काल के अन्तिम सत्र में लोकायुक्त के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखा। विधानसभा के पटल पर लोकायुक्त की वर्ष 2006, 2007, 2008, 2009, 2010 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

भारी हंगामे के बीच विधानसभा के प्रमुख सचिव महेश चन्द्र ने हिमगिरी नभ विश्‍वविद्यालय, ग्राफिक ऐरा पर्वतीय विश्‍व विद्यालय सहित 17 विधेयकों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सदन को अवगत कराया कि विधानसभा में पारित होकर महामहिम राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सत्रह अधिनियम बन गये हैं। हंगामे के दौरान ही विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से लोकसेवकों के वार्षिक स्थानांतरण, उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार, उत्तराखण्ड विषेश न्यायालय सहित आधा दर्जन विधेयक संसदीय कार्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किये गये, जिन्हें हंगामे के बीच ही अध्यक्ष द्वारा ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। भृष्‍टाचार के कथित घोटालों की सी.बी.आई. जांच की कांग्रेस की मांग का सदन में बसपा के विधायक भी साथ देते देखे गये। हंगामे के दौरान भाजपा के विधायकों की ओर से भी टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले व राष्‍ट्रमण्डल घोटाले आदि को लेकर कांग्रेस विधायकों को जवाबी छींटाकशी की गई। भारी हंगामे के दौरान आवश्‍यक विधायी कार्य निबटाकर विधानसभा अध्यक्ष ने कल बुधवार को 11 बजे तक के लिये सदन को स्थगित कर दिया। विधानसभाध्यक्ष हरवंश कपूर ने सदन में सभी विधायकों को यह भी सूचना दी कि कल बुधवार को विधानसभा परिसर में विधानसभा के सभी विधायकों का फोटोसेशन कराया जायेगा।

देहरादून से सुरेन्‍द्र अग्रवाल की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...