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प्रधानमंत्री आवास नहीं, कारावास से जोड़ कर देखिये इस उपवास को

जगमोहन फुटेलान भैया, नरेन्द्र मोदी का उपवास न सदभावना के लिए है, न प्रधानमत्री बनने के लिए. गुजरात में सदभावना लाने लायक न आज दुर्भावना है, न सत्ता भाजपा की ड्यौढ़ी पर खड़ी कह रही है कि फ़टाफ़ट अपने प्रधानमन्त्री का नाम बताओ. पता नहीं किसने ये प्लांट कर दिया है कि नरेन्द्र भाई इतने बड़े स्तर पर य आयोजन कर रहे हैं तो वे राष्ट्रीय राजनीति और उसमें भी प्रधानमन्त्री की कुर्सी की तरफ देख रहे है. और फिर इस ‘प्लांट’ पे मीडिया पिल हुई पड़ा है तो ये भी उसके लिए बड़ी उत्सुकता का विषय है कि आडवाणी इस पे क्या कहते हैं.

जगमोहन फुटेलान भैया, नरेन्द्र मोदी का उपवास न सदभावना के लिए है, न प्रधानमत्री बनने के लिए. गुजरात में सदभावना लाने लायक न आज दुर्भावना है, न सत्ता भाजपा की ड्यौढ़ी पर खड़ी कह रही है कि फ़टाफ़ट अपने प्रधानमन्त्री का नाम बताओ. पता नहीं किसने ये प्लांट कर दिया है कि नरेन्द्र भाई इतने बड़े स्तर पर य आयोजन कर रहे हैं तो वे राष्ट्रीय राजनीति और उसमें भी प्रधानमन्त्री की कुर्सी की तरफ देख रहे है. और फिर इस ‘प्लांट’ पे मीडिया पिल हुई पड़ा है तो ये भी उसके लिए बड़ी उत्सुकता का विषय है कि आडवाणी इस पे क्या कहते हैं.

और फिर जब आडवाणी कह ही देते हैं कि भाजपा में प्रधानमन्त्री हो सकने की योग्यता वाले कई नेता हैं तो मीडिया के हमारे बंधुओं को एक तरह की स्वीकारोक्ति और फिर पहले से भी खबर लगती है. बल्कि कुछ पत्रकारों ने वापिस दिल्ली फोन कर कांग्रेसियों को बताया कि उन्होनें बड़ा काम कर दिया. अब आडवाणी और मोदी आमने सामने हैं. इस लड़ाई का जितना मज़ा लूट सकते हो, लूट लो.

मीडिया में कुछ लोग बहुत भोले हैं. वे समझते हैं कि कांग्रेस कुछ नहीं समझती. समझ सकती ही नहीं. उसे समझाना पड़ता है. ऐसे मीडिया मित्रों को हम ये समझा दें कि कांग्रेस तो नरेन्द्र मोदी के कभी प्रधानमन्त्री पद के दावेदार हो सकने से क्या ही डरेगी. खुद भाजपा भी मानती नहीं है कि मोदी कभी प्रधानमन्त्री-उम्मीदवार के रूप में पेश भी किये जा सकते हैं. अरे भाई, जिस एनडीए ने कभी आडवाणी को अटल के उत्तराधिकारी के रूप में नहीं देखा वो मोदी पे कैसे रजामंद हो सकता है? प्रधानमन्त्री के रूप में स्वीकारोक्ति के लिए नरेन्द्र मोदी को अभी तीन जन्म और लेने होंगे. इस देश की जनता कोई संघ की संपत्ति नहीं है. है भी तो खुद संघ भी समझता है कि नेता अभी और भी हैं.

कितने लोग हैं मीडिया में जो ये समझते हैं कि भाजपा अगली बार अकेले अपने दम पे चुनाव लड़ेगी और लोकसभा में बहुमत भी पा लेगी? चुनाव अगर भाजपा को एनडीए के रूप में ही लड़ना है तो फिर भाई जी, ज़रा उसमें भी नरेन्द्र भाई की स्वीकारोक्ति तो देखिये. जया आईं नहीं, न नितीश. बल्कि शरद यादव ने तो यहाँ तक कहा कि इस देश में अस्सी प्रतिशत लोग रोज़ खाना नहीं खा पाते, मोदी तें दिन नहीं खाएंगे ये कौन बड़ी बात है!…नहीं लगता कि जया और नितीश जैसे लोग एनडीए में तो रहना चाहते हैं (वो भी यूपीए में उनकी कोई गुंजायश नहीं है, इस लिए) मगर मोदी की सी छवि सी उन्हें परहेज़ है. याद ही होगा आपको कि नितीश ने उनके बिहार आ के आ के प्रचार करने के भाजपा के ऐलान के बावजूद उन्हें आने नहीं दिया था.

सो, अगर आप इस से सहमत हो गए हों कि इस उपवास का मोदी के प्रधानमन्त्री होने न हो पाने से कोई सम्बन्ध नहीं है तो क्या हम इस से आगे चलें?…आगे की बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ आरोपों का मतलब अगर मामला ख़त्म हो जाना होता तो मोदी आज उपवास नहीं अट्टहास कर रहे होते. खुद भाजपा में अरुण जेटली और रवि शंकर प्रसाद जैसे कानूनदानों से लेकर स्वयं मोदी तक भी नहीं समझते कि बात खत्म हो गयी है. तमाम तकनीकी और कानूनी पहलुओं से केस तो दरअसल शुरू ही अब हुआ है. सब जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट चाहे तो कर सकता है मगर वो ट्रायल कोर्ट नहीं है. मोदी के खिलाफ आरोप अभी ट्रायल कोर्ट में देखे जाने हैं. ज़ाहिर है ट्रायल कोर्ट में सबूत पेश होंगे, गवाहियां होंगी बहस और होने को सजा भी. ज़रूरी हुआ तो ज़रूर अपील भी होगी. फिर सुप्रीम कोर्ट तक.

दिखाना तो मोदी दरअसल अब न्यापालिका को ये चाहते हैं कि वे राज्य-प्रायोजित हिंसा के खिलाफ हैं. भाजपा की दिक्कत ये है कि आज माफ़ी मोदी से माफ़ी मंगवा कर वो अपने कट्टरवादी संगठनों को नाराज़ भी नहीं करना चाहती मगर ये भी कोशिश है कि खासकर यूपी और दिल्ली के बस अब आ गए चुनावों में उसे उन कुछ मुसलमानों वोट मिल जाएँ जो वक्त के साथ कुछ धूमिल हुए उस गुनाह को इस उपवास के ज़रिये एक तरह के माफीनामे के नजरिये से देख सकें. तो ज़रूरत तो मोदी के इस उपवास को प्रधानमन्त्री आवास नहीं, कल को हो सकने वाले कारावास के रूप में देखने की है.

लेखक जगमोहन फुटेला चंडीगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जर्नलिस्टकम्युनिटी.कॉम के संपादक हैं. इनसे संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.

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