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प्रशासन की हिटलरशाही से अचेत हुईं बच्चियां और महिलाएं

: घंटों सड़क जाम, कई संस्थाओं ने किया विरोध : बाराबंकी। मतदाता जागरूकता के नाम पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जगह पाने के लिए मंगलवार को 52 किमी लम्‍बी मानव श्रृंखला बनाने का दावा कर खूब वाहवाही लूटी जा रही है, जिसने इंसानियत को बदनाम करने का काम जिले की सरजमी पर किया है। इसकी हर ओर निन्दा हो रही है। 6 माह के बच्चे के साथ स्कूल की छात्राओं-छात्रों को ठंडी हवा में भूखे प्यासे कई घंटे तक सरकारी हिटलरशाही के तहत सड़कों पर खड़ा रखा गया। कई छात्रायें बीमार हुईं। रास्ता जाम हुआ। आवागमन घंटे ठप रहा। जिला बार एसोसिएशन समेत व्यापार मण्डल और कई संगठनों ने इस कार्यक्रम की घोर निन्दा कर चुनाव आयोग से शिकायत कर डाली।

: घंटों सड़क जाम, कई संस्थाओं ने किया विरोध : बाराबंकी। मतदाता जागरूकता के नाम पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जगह पाने के लिए मंगलवार को 52 किमी लम्‍बी मानव श्रृंखला बनाने का दावा कर खूब वाहवाही लूटी जा रही है, जिसने इंसानियत को बदनाम करने का काम जिले की सरजमी पर किया है। इसकी हर ओर निन्दा हो रही है। 6 माह के बच्चे के साथ स्कूल की छात्राओं-छात्रों को ठंडी हवा में भूखे प्यासे कई घंटे तक सरकारी हिटलरशाही के तहत सड़कों पर खड़ा रखा गया। कई छात्रायें बीमार हुईं। रास्ता जाम हुआ। आवागमन घंटे ठप रहा। जिला बार एसोसिएशन समेत व्यापार मण्डल और कई संगठनों ने इस कार्यक्रम की घोर निन्दा कर चुनाव आयोग से शिकायत कर डाली।

जानकारी के अनुसार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम पाने के ख्वाहिशमंद एक अधिकारी ने मानव श्रृंखला के नाम पर मतदाता जागरूकता अभियान का एलान किया था। सुबह से ही 18 वर्ष के मतदाताओं को वोट डालने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूल की शिक्षकों, छात्र-छात्राओं समेत छोटे-छोटे बच्चों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया गया। विधानसभा निर्वाचन 2012 के अन्तर्गत जिला प्रशासन बाराबंकी द्वारा मंगलवार दोपहर दो बजे 52 किमी लम्बी मानव श्रृंखला, जो फैजाबाद जनपद सीमा यानी कल्याणी नदी रामसनेहीघाट से लखनऊ जनपद सीमा स्थित मोहम्मदपुर पुलिस चौकी सीमा तक निर्मित की गयी। इस श्रृंखला को ‘‘कुछ तुम चलो-कुछ हम चलें, लोकतंत्र के नाम’’ नाम दिया गया। जिसमें दावा लाखों लोगों के भाग लेने का किया गया। मानव श्रृंखला की शुरुआत कल्याणी नदी से फीता काटकर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने की। फैजाबाद सीमा से लखनऊ सीमा के अंतिम छोर तक स्वयं जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने खुली जीप में मशाल के साथ यात्रा निकाली। पुलिस रंगरूटों द्वारा मोटर साइकिल जुलूस आगे-आगे चला। मतदाता जागरूकता रैली में विभिन्न विचारों के अभिव्यक्ति करते हुए झांकियों ने भी सभी का मन मोह लिया। झांकियों में जागो मतदाता जागो, चला सखी वोट दे आयी, यूथ चला बूथ पर, इतना तो है दम वोट डालेंगे हम, हमारा वोट हमारी शान, नहीं होने देंगे फर्जी मतदान, जैसे नारे लिखे हुए थे।

पूरी मानव श्रृंखला में मतदाता जागरूकता सम्बन्धी बैनर, नारेबाजी, ढोल नंगाड़े का प्रयोग करते हुए इसे उत्साहजनक बनाया गया। श्रृंखला के अंतिम छोर पर 1000 मशालों को प्रज्जविलत कर होमगार्ड के जवानों द्वारा वलनेटेबुल गांवों मे ले जायी गयी। जहां समापन समारोह के दौरान भव्य मंच बनाया गया। जिसका मंच संचालन लखनऊ दूरदर्शन की एंकर शिखा द्वारा किया गया। इसी स्थान पर एक भव्य रंगोली भी न्यू पायनियर स्कूल की प्रबंधक मोनिका निगम द्वारा बनायी गयी। इस अवसर पर मतदाता जागरूकता गीतों को भी गाकर कई कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखायी। आकर्षक आतिशबाजी व शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरी मानव श्रृंखला में स्कूल रामसेवक लक्ष्मीबाई, रामसेवक यादव, न्यू प्लेय, यंग स्ट्रीम समेत विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों, सेवा निवृत्व कर्मचारियों, जिला पूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित प्रधान, बीडीसी, डीडीसी, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी कार्यकात्रियों, शिक्षा मित्रों सहित अनेको सरकारी एवं गैर सरकारी संस्कारों ने हिस्सा लिया। श्रृंखला के दौरान लोगों का उत्सव देखते ही बनता रहा था। प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय मौथरी अशोक कुमारी तिवारी सहित सहअध्यापक जीनत आरा, शिक्षा मित्र रेनू, प्रधानाध्यापक लक्ष्मी सिंह मनेरा, रसोइया रजनी, पूनम सहित अनेक सहअध्यापिकाओं सहायक, आरएलबी के प्रधानाचार्य रामकिशोर शुक्ला, शिक्षा मित्र व रसोइयों ने भी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ हिस्सा लिया।

मानव श्रृंखला स्कूली और दुध मुंहे बच्चे के लिए अभिशाप का रूप तब ले लिया जब घंटों इंतजार के दौरान अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामिया इण्टर कालेज की छात्रा नजराना फातिमा को थकावट ने घेर लिया इसके बाद भी उसको बुखार में उसकी टीचर शबाना ने खड़ा रखा। पत्रकारों की नजर पड़ने पर इस बात का विरोध किये जाने पर ही उसे वहां से हटाया गया। दूसरी तरफ राजकीय इण्टर कालेज की 11वीं की छात्रा को चक्कर आ जाने पर इमरजेन्सी में इलाज के लिए भेजा गया। जहां डाक्टरों द्वारा उसे ग्लूकोज चढ़ाया गया। चार माह का अर्जित, कंचन देवी उम्र चार माह पुत्री ज्ञान देवी, शालिनी 6 माह पुत्री सावित्री, अंकिता 4 माह पुत्री संगीता, इन सब में कोई रसोइया तो कोई शिक्षा मित्र सभी को अपने-अपने बच्चों के साथ चार घंटों से ज्यादा खड़ा रहकर परेशान होना पड़ा। सभी को पानी और भोजन की समस्याओं से जूझना पड़ रहा था। इसी क्रम में जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पंकज निगम ने चुनाव आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिले में किए गए इस कार्यक्रम को हिटलरशाही का नमूना बताते हुए कड़े शब्दों में निन्दा की तथा  मुख्य चुनाव आयुक्त और राष्ट्रपति को पत्र भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बाराबंकी से रिजवान मुस्‍तफा की रिपोर्ट.

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