: शिक्षा के नाम पर हो रही अवैध वसूली – इस्पात मंत्री : बाराबंकी। आगामी फरवरी माह में विधानसभा चुनाव हो सकते है और मायावती सरकार नये बजट सत्र लाने में नहीं कामयाब हो सकेंगी। प्रदेश में यह पहली सरकार है जिसमें हरचीज के रेट तय है। शिक्षा के नाम पर अवैध वसूली, अधिकारियों की पोस्टिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। प्रदेश की आमजनता पूरी तरह से त्रस्त है। इतना आक्रोश आज तक किसी भी सरकार के विरुद्ध नहीं दिखायी दिया। उक्त बात केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा अपने आवास पर बुलाई गई प्रेस वार्ता में व्यक्त किये।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूल की मान्यता के लिए कमीशन की रेट तय है। डिग्री कालेज में एक विषय की मान्यता के लिए दो लाख रुपया मुख्यमंत्री के और 25 हजार रुपया शिक्षामंत्री के नाम पर लिया जाता है। अगर पैसा नहीं तो मान्यता मिलनी टेढ़ी खीर रहती है। केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कानून व्यवस्था नाम की चीज प्रदेश में नहीं रह गयी है। एनआरएचएम घोटाले में तीन लोगों की जान जा चुकी है। एमबुलेंस जो गॉवों के लिए आने वाली थी, वे एम्बुलेंस तो नहीं आयी लेकिन उसका भुगतान जरूर हो गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को सिर्फ वोट और नोट से प्यार है। जनता से इनको कोई लेना देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश का भविष्य अच्छा है। जिसमें राहुल जैसा नेता पैदा हुआ है। राहुल गांधी किसानों, दलितों, मुसलमानों और बुनकरों से मिलकर उनकी समस्यायें सुनी। यह बात मुख्यमंत्री मायावती और सपा नेता मुलायम सिंह यादव को खल रही है। श्री वर्मा ने कहा कि मुसलमानों के मुलायम सिंह कतई हितैषी नहीं है। सबसे बड़े दुश्मन मुलायम सिंह ही हैं। मैंने समाजवादी पार्टी अमर सिंह की वजह से नहीं मुलायम सिंह की वजह से छोड़ी है। अमर सिंह से मेरे मतभेद तो जरूर थे लेकिन कभी मेरे रास्ते का रोड़ा नहीं बने। उन्होंने आगे कहा कि आने वाली सरकार कांग्रेस की बनेगी। क्योंकि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है, जिसमें एक नहीं सैकड़ों नेता है। प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री के बारे में उनका कहना था कि पार्टी ने अभी किसी को अपना मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। कांग्रेस के विधायक ही अपना मुख्यमंत्री चुनेंगे।


