बाड़मेर : राजस्थान से लगती पाक सीमा पर चीनी और पाकिस्तानी सेना के साझा युद्ध अभ्यास के बाद अब भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना और चीनी सेना को मुंहतोड़ जबाब देने के लिए रेगिस्तान में इस सदी का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास करने जा रही है। इसके लिए देश के विभिन्न हिस्से से सेना की बटालियन अब बाड़मेर आनी शुरू हो गई है। बाड़मेर में भारत-पाकिस्तान की सरहद पर भारतीय सेना पाक सीमा के नजदीक थार में युद्धाभ्यास का शंखनाद सुदर्शन चक्र में अपनी ताकत के प्रदर्शन से करेगी।
आमतौर पर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सर्दी के समय सेना अपना युद्ध अभ्यास करती रहती है, लेकिन इस बार पाक सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की 101 इंजीनियरिंग रेजीमेंट के साथ साझा युद्ध अभ्यास के कुछ दिनों बाद ही अब भारतीय सेना अपनी ताकत रेगिस्तान में दिखाने की तयारी कर रही है। दरसल कुछ दिनों पहले ही मीडिया में यह खबरें आ रही थी कि चीन की ओर से पाकिस्तान को हर तरह की सैन्य मदद मिल रही है। वह पाकिस्तान को भारत के पश्चिमी क्षेत्र से सटे इलाकों में ताकत बढ़ाने के लिए टैंक अपग्रेड टेक्नोलॉजी और मानवरहित विमान (यूएवी) भी मुहैया करा रहा है। इस बात का मुंहतोड़ जबाब देने के लिए भारतीय सेना नवम्बर से पहले ही इस सदी का सबसे बड़ा ने युद्ध अभ्यास करने जा रही है, जिसका नाम सुदर्शन चक्र दिया गया है। इस युद्धाभ्यास का शंखनाद रविवार को हो गया है, लेकिन इस बार सेना अपनी पूरी ताकत नवम्बर महीने में रेगिस्तान के धोरे क्षेत्र में दिखाएगी, जिसके लिए सेना की टुकडिया अब बाड़मेर पहुंचने लगी हैं।
पाकिस्तान और चीन को मुंहतोड़ जबाब देने के लिए भारतीय सेना की डेजर्ट कोर की अहमदाबाद स्थित यूनिट ने सबसे पहले शुरुआत की है। भारतीय सेना की 21 कोर के नेतृत्व में दो महीने चलने वाले इस बड़े युद्धाभ्यास में कम समय में दुश्मन पर अचूक वार कर नेस्तनाबूद करने का सैनिक प्रदर्शन करेंगे। दो महीने चलने वाले इस युद्धाभ्यास के दौरान रेतीले इलाके में सेना के अर्जुन टैंक, बॉयर्स तोपों व आधुनिक हथियारों से काल्पनिक जंग से होगा। इस दौरान सेना के साथ वायुसेना के जांबाज पायलट भी आसमान से दुश्मन पर प्रहार कर अपनी मारक क्षमता दिखाएंगे। उसमें सुखोई 30 का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहेगा।
रेतीले टीलों में सैनिकों को तोप, बख्तरबंद गाडिय़ों व टैंकों के साथ दुश्मन से लडऩे व नेस्तनाबूद करने में महारत हासिल करने के गुर सिखाए जाएंगे। युद्ध रणनीति कौशल, रात्रिकालीन विजन की मारक क्षमता और कम से कम समय में दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने का प्रदर्शन होगा। साथ ही काल्पनिक जंग में सेना के जवानों का दम-खम व आधुनिक हथियारों की मारक क्षमता को परखा जाएगा। दुश्मन व भारतीय सेना के बीच रेड व बल्यू टीम के नाम से काल्पनिक जंग होगी। इस युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना के पायलट चांधन फायरिंग रेंज में अगले महीने लड़ाकू विमान सुखोई, मिग, जगुआर व मिराज से दुश्मन के ठिकानों पर बमबारी और मिसाइलों से निशाने दाग आपसी तालमेल का बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। भारतीय सेना बैटल टैंक से दुश्मन की सेना को नेस्तनाबूद करने और वायुसेना हेलिकॉप्टर से दुश्मन की जमीन पर कमांडो उतार कर उनके ठिकाने नष्ट करने का जीवंत प्रदर्शन करेगी।
बाड़मेर से चंदन भाटी की रिपोर्ट.


