नई दिल्ली। वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया गया है। वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के खिलाफ स्पेशल कोर्ट ने 23 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय किए थे। इस्तीफा देने के बाद सिंह मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि वह कानूनी अदालत के अलावा जनता की अदालत में भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह किसी अन्ना या उनकी टीम को नहीं जानते। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधियों ने साजिश रच कर उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में फंसाया और वह अब हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल की पोल खोलेंगे।
गौरतलब है कि शिमला की विशेष अदालत वन के सेशन जज बीएल सोनी ने अपने फैसले में कहा है कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार प्रिवेंशन आफ क्रप्शन एक्ट की धारा 7,11,13 व आइपीसी की धारा 120बी के तहत और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के खिलाफ प्रिवेंशन आफ क्रप्शन एक्ट की धारा 9 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत आरोप तय किए है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पहले ही आदेश दे रखे है कि निचली अदालत को अगर ये लगता है कि इस मामले में आरोप निर्धारित करने है तो इसके लिए हाईकोर्ट से पहले इजाजत ली जाए। सुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह व प्रतिभा सिंह दोनों अदालत में मौजूद नहीं थे।
उन्होंने कल शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और सीडी मामले में अपने खिलाफ सबूत को कुचक्र करार देकर खारिज किया। सिंह ने कहा कि सबूत एक कुचक्र है। सीडी प्रमाणिक नहीं है। उन्होंने मेरी आवाज का मिलान नहीं किया। कल यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस्तीफा देंगे, उन्होंने कहा था कि मैं अपने पद की बिल्कुल भी परवाह नहीं करता। मैं अपनी पार्टी और प्रधानमंत्री को शर्मिंदगी नहीं उठाने देना चाहता। जब भी मौका आएगा, निश्चित तौर पर मैं उचित कार्रवाई करूंगा। इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव एवं हिमाचल मामलों के प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी ने उनसे इस्तीफा देने को नहीं कहा था और यदि कुछ हुआ है तो यह खुद मंत्री तरफ से ही हुआ होगा।
पूर्व में हिमाचल की वीरभद्र सिंह सरकार में पूर्व पर्यटन मंत्री विजय सिंह मनकोटिया ने 2007 में धर्मशाला में मीडिया के सामने एक आडियो कैसेट जारी की थी। इस आडियों कैसेट में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और तत्कालीन निदेशक इंडस्ट्री आईएएस अफसर महेंद्र लाल के बीच अलग अलग समय में बातचीत का ब्यौरा था। कैसेट में वीरभ्रद सिंह और आइएएस अफसर महेंद्र लाल के बीच उद्योगपतियों से उनके काम कराने के बदले पैसे लेने की बातचीत है। इस कैसेट में वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह भी नोटों के गिनने की बात करती है। आईएएस महेंद्र लाल की मौत हो चुकी है।
आडियों कैसेट की हजारों की तादाद में सीडी बनाई गई और भाजपा ने इस सीडी को चुनाव में जमकर भुनाया था। इस मामले को लेकर वीरभ्द्र सिंह की कैबिनेट में पूर्व में मंत्री रहे विजय सिंह मनकोटिया हाईकोर्ट तक गए। बाद में भाजपा के सत्ता में आने पर प्रदेश की प्रेम कुमार धूमल सरकार ने इस मामले की जांच विजिलेंस से कराई और कैसेट में टेप आवाज की फारेंसिक लैब में जांच कराई। फारेसिंक की रिपोर्ट में कहा गया की आवाज वीरभद्र सिंह व प्रतिभा सिंह की ही है। वीरभद्र ने इस मामले में दर्ज केस को निरस्त करने के लिए भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। आज सेशन कोर्ट ने मामला चलाने के आदेश दे दिए।हिमाचल में विधानसभा चुनाव से पहले आए इस फैसले ने कांग्रेस पार्टी के लिए मुश्किलें खडी कर दी है। हिमाचल में मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी जता रहे वीरभद्र सिंह के लिए ये अदालती फैसला मुश्किल भरा है।


