: खरगौन में माफियाओं ने हेड कांस्टेबल को मौत के घाट उतारा, एएसआई गंभीर रूप से घायल : भोपाल। मध्य प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। शिव के राज में आतंक रुकने का नाम नहीं ले पा रहा है। मुरैना में तैनात युवा आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या के साथ एक कांस्टेबल को मौत के घाट उतार दिया गया तो एक और युवा आईपीएस जयदेवन पर शराब माफियाओं ने लाठियों और पत्थरों से हमला बोल दिया। हमलावरों में भाजपा का एक पूर्व विधायक और उसके साथी शामिल थे। इन घटनाओं के बाद से तेजतर्रार प्रशासनिक अधिकारी अपने को मुश्किल में पा रहे हैं।
भिंड में ड्राई डे होने के बावजूद शराब बेची जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली कि लहार-इटावा मार्ग पर शराब माफिया ने दुकानें खोल रखी हैं, लिहाजा युवा एडिशनल एसपी जयदेवन अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकान बंद करने को कहा पर वहां मौजूद शराब माफिया ने पुलिस टीम पर पत्थरों व लाठियों से हमला बोल दिया। संख्या बल में कम पुलिस दल इस हमले के बाद बैरंग वापस लौट आया। इस हमलावर भीड़ में भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के भी शामिल होने का आरोप है।
शराब की अवैध बिक्री इसके बाद भी जारी रही। पुलिस को फंसाने के लिए शराब माफिया ने अपनी ही दुकान में कर्मचारियों से तोड़फोड़ करवा दी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह समेत नौ नामजद व 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है।
इधर, खरगौन जिले में भी एक पुलिस कांस्टेबल को मौत के घाट उतार दिया गया जबकि एएसआई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। खरगौन के मंडलेश्वर थाने में तैनात एएसआई आरबी गोयल और हेड कांस्टेबल रघुनाथ सिंह चौहान बुधवार को मोटरइसाकिल से अपने इलाके के गश्त पर थे। जलूद-इंदौर रोड पर मंडलेश्वर से लगभग 20 किलोमीटर दूर इन दोनों पुलिस कर्मियों पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने इन्हें चारो तरफ से घेर लिया तथा धारदार हथियारों से हमला बोल दिया।
इस हमले में हेड कांस्टेबल रघुनाथ सिंह चौहान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एएसआई गोयल गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तथा घायल एएसआई को अस्पताल भिजवाया। घटना स्थल पर कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिससे लगता है कि पुलिस के दोनों सदस्यों और हमलावरों के बीच काफी संघर्ष हुआ था। बताया जा रहा है कि यह इलाका रेत, खदान माफिया, शराब माफिया और जंगल माफियाओं का है। बीते कुछ दिनों से एएसआई गोयल ने इन लोगों के अवैध कारोबार पर लगाम लगा रखा था, जिससे इन माफियाओं में हड़कम्प मचा हुआ था।
पुलिस को शक है कि अपने कारोबार को नुकसान होते देखकर ही इन माफियाओं में से ही किसी ने पुलिस दल पर हमला किया तथा हेड कांस्टेबल को जान से मार डाला तथा एएसआई को गंभीर रूप से घायल किया है। एएसआई गोयल की हालत चिंताजनक है। पुलिस हमलावरों को पकड़ने की कोशिशों में जुट गई है। पर जिस तरह से मध्य प्रदेश में तमाम माफियाओं का आतंक कायम है और वो अब पुलिस पर भी हमला करने से नहीं डर रहे हैं, उससे आम आदमी काफी दहशत में है।


