Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

महिला सशक्तिकरण में मीडिया की भूमिका अहम : मधु मेहता

जब मैं जिला प्रमुख बनी तो मुझे भी झिझक हुई कि क्या करूंगी, पुरूष प्रधान समाज में कैसे अपने आप को स्थापित कर पाउंगी। लेकिन समय के साथ व गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से बहुत कुछ सीखा और सशक्त होकर आज जनता के हितों के लिए कार्य कर रही हूं। उपरोक्त उद्गार व्यक्त किए जिला प्रमुख मधु महेता ने। वे महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तीकरण में मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थी। जिला प्रमुख ने कहा कि महिलाएं घूंघट से निकल कर गांव के विकास के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने चुप्पी तोड़ी है और निरन्तर आगे बढ़ रही हैं। मीडिया हम जैसी महिलाओं के कार्यों को जनता तक पहुंचा कर अपनी भूमिका अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में अच्छा कार्य कर रही संघर्षशील महिला जनप्रतिनिधियों की कहानियां मीडिया को प्रकाशित करनी चाहिए ताकि उनसे अन्य महिला जनप्रतिनिधियों को प्ररेणा मिल सके।

जब मैं जिला प्रमुख बनी तो मुझे भी झिझक हुई कि क्या करूंगी, पुरूष प्रधान समाज में कैसे अपने आप को स्थापित कर पाउंगी। लेकिन समय के साथ व गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से बहुत कुछ सीखा और सशक्त होकर आज जनता के हितों के लिए कार्य कर रही हूं। उपरोक्त उद्गार व्यक्त किए जिला प्रमुख मधु महेता ने। वे महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तीकरण में मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थी। जिला प्रमुख ने कहा कि महिलाएं घूंघट से निकल कर गांव के विकास के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने चुप्पी तोड़ी है और निरन्तर आगे बढ़ रही हैं। मीडिया हम जैसी महिलाओं के कार्यों को जनता तक पहुंचा कर अपनी भूमिका अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में अच्छा कार्य कर रही संघर्षशील महिला जनप्रतिनिधियों की कहानियां मीडिया को प्रकाशित करनी चाहिए ताकि उनसे अन्य महिला जनप्रतिनिधियों को प्ररेणा मिल सके।
उल्लेखनीय है कि द हंगर प्रोजेक्ट द्वारा महिला सशक्तिकरण पर कार्य किया जा रहा है। द हंगर के विरेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि द हंगर प्रोजेक्ट राजस्थान के 10 जिलों के 12 ब्लॉक में महिला सशक्तिकरण का किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक करीबन 2000 महिला पंच सरपंचों को इस कार्यक्रम से जोड़कर कार्य किया जा रहा है। कार्यशाला में सरोजिनी नायडू पुरस्कार से सम्मानित भंवर मेघवंशी ने विषय पर्वतन करते हुए कहा कि मीडिया आज एक ऐसी सर्वशक्तिमान ताकत है जिसकी भूमिका हर जगह है। पंचायती राज हो या ग्रामीण विकास, कोई भी क्षेत्र मीडिया से अछूता नहीं है। मीडिया सर्वग्राही है तथा सर्व प्रभावी है। जमीनी स्तर पर मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ग्राम स्तर पर यह मीडिया की साख सर्वाधिक है, अखबार में छपा है इसका मतलब सही है तथा मुद्रित अक्षरों की साख अभी भी गांवों में बरकरार है।

सकारात्मक समाचारों के निरन्तर हाशिए पर जा रहे आंकड़ों पर चिंताव्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया अच्छे कामों को प्रकट भी करता है। मीडिया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बताया कि रालेगण सिद्धि या पिपलान्त्री, राजस्थान के राजसमन्द जिले की विजयपुरा ग्राम पंचायत की रूकमणी देवी, सोडा की छवि राजावत की जानकारी हमें मीडिया के माध्यम से ही मिली। उन्होंने कहा कि सकारात्मक खबर से प्रतिनिधि को उत्साहित होता है, उसमें जोश पैदा होता है तथा वचनबद्धता बढ़ती है, जो काम नहीं कर पा रहे है उन्हें भी दिशा मिलती है। इसलिए मीडिया को एक कदम आगे बढ़कर सकारात्मक समाचार प्रकाशित करने चाहिए। द हंगर की राज्य समन्वयक रंजना ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के क्षमतावर्धन करना, जनप्रतिनिधियों को अपने काम में आ रही कठिनाइयों और संघर्ष की कहानियां तथा जीत को को मीडिया के साथ बांटना ही कार्यशाला का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का दूसरा उद्देश्य सरोजिनी नायडू पुरस्कार के बारे में जानकारी देना भी है। उन्होंने कहा कि सरोजिनी नायडू पुरस्कार के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा यह पुरस्कार किसी भी पत्रकार के किसी पत्र-पत्रिका में प्रकाशित ‘‘पंचायतीराज में महिलाओं की भूमिका’’ पर सकारात्मक मौलिक लेख पर दिया जाता है। यह पुरस्कार हिन्दी, अंग्रेजी व एक क्षेत्रीय भाषा में लिखे गए लेख पर दिया जाता है। इस पुरस्कार के लिए 2 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

बतौर मुख्य वक्ता कार्यशाला को संबोधित करते हुए सुखाड़िया विश्व विद्यालय के प्रो. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि 73वें संविधान संशोधन को 20 वर्ष हो चुके है। जिस उद्देश्य के लिए 73वां संशोधन आया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम में चौथी बार आया हूं, कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों को बिना घूंघट में देख रहा हूं, ऐसा लग रहा है कि परिवर्तन हुआ है। द हंगर राजस्थान के 10 जिलों के 12 ब्लॉक में 10 संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहा हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर, जनप्रतिनिधियों के पूरे कार्यकाल के दौरान हर समय हर विषय पर सशक्तिकरण का कार्य करते हैं। राजसमन्द जिले की रेलमगरा पंचायत समिति की प्रधान रेखा अहीर ने कहा कि जिस उद्देश्य से मुझे चुना में उस पर खरी उतरने का पूरा प्रयास करती हूं। जो सरकारी योजना आती है मैं पहले जनता को इसकी जानकारी देना, उसके बाद उन्हें उसका लाभ दिलवाना। प्रत्येक कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देती हूं ताकि हर योजना का फायदा सीधा जनता को मिले। 

द हंगर प्रोजेक्ट की कार्यक्रम अधिकारी रूचि यादव ने कहा कि स्वतंत्रता की लड़ाई में कोई कायशाला नहीं हुई फिर मीडिया ने भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि महिला जनप्रतिनिधियों की उपलब्धि के आधार पर मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है उसके बारे में जरूर लिखें। उन्होंने मीडियाकर्मियों से आह्वान किया कि वे खुद गांव तक जाए। खमनोर पंचायत समिति की उपली ओडण ग्राम पंचायत की उपसरपंच राखी पालीवाल ने बताया कि बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं राजनीति में जाउं। सपना पूरा करने के लिए 2010 में मैं चुनाव लड़ना चाहती थी। लेकिन ओबीसी की आरक्षित सीट होने के कारण मैं चुनाव नहीं लड़ सकी। तब मैंनें वार्ड पंच का चुनाव लड़ा और निर्विरोध उपसरपंच चुनी गई। पालीवाल ने बताया कि उन्होंने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किया। इसके लिए उन्होंने गांव की असाक्षर लड़कियों से बात की। उन्हें शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया। पालीवाल के प्रयास से करीबन 150 लड़कियों ने छात्रावास में प्रवेश लिया है। राखी पालवील ने बताया कि आरंभ में ग्रामसभा में वार्डपंच के सिवा कोई महिला नहीं आती थी, तब वो गांव की प्रत्येक महिला से मिली और उनको पंचायत तथा गांव के विकास के बारे में बताया।

रेलमगरा पंचायत समिति की पछमता ग्राम पंचायत की सरपंच मांगी देवी ने बताया कि भील बस्ती, इन्दिरा कॉलोनी में बिजली के कनेक्शन दिलवाये। हरिजन बस्ती के लिए नाली निर्माण करवाया, बसस्टेण्ट पर पुरुषों के लिए 3 एवं महिलाओं के भी 3 शौचालय बनवाए। मीडियाकर्मियों ने सुझाव दिया कि डेवलपमेंट मीडिया पर एक कोर्स होना चाहिए तथा सकारात्मक कार्य कर रही महिला जनप्रतिनिधियों की सफल कहानियों को एक फीचर्स के रूप में प्रकाशित किया जाए ताकि ऐसी कहानियां दूर दराज तक लोगों में पहुंच सके। ओडा ग्राम पंचायत की वर्धनी पुरोहित ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं 50 प्रतिशत आरक्षण मिला है लेकिन महिलाओं को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में रेत का अवैध दोहन हो रहा है, जिसे रोकने के लिए वो 2 साल से संघर्ष कर रही हैं। अपने अधिकारों के बल पर उन्होंने रेत पर टैक्स लगाया। टैक्स नहीं देने पर उन्होंने जनहित याचिका लगाई जिसके परिणाम स्वरूप अवैध दोहन कर रैती ले जा रहे 17 ट्रैक्टर को जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि अवैध रेत दोहन को रोकने के लिए सतत प्रयास कर रही हैं लेकिन उसकी एवज में उसे काफी मानसिक प्रताड़नाएं दी जा रही है। दबाव बनाया जा रहा है कि वह अवैध रेत के दोहन के खिलाफ आवाज न उठाए। उन पर तरह तरह के आरोप भी लगाए जा रहे है। लेकिन वो डट कर सामना कर रही है।

गुंजोल ग्राम पंचायत की सरपंच चुन्नी देवी ने बताया कि वो निर्विरोध निर्वाचित हुई। कभी स्कूल नहीं गई चुन्नी देवी ने बताया कि ‘‘ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए राजीव गांधी सेवा केंद्र के निर्माण में उपयोग में लिए गए मस्टरोल में ग्राम सचिव ने फर्जीवाड़ा किया था। वो फर्जी हाजरियां भरकर मुझसे मस्टरोल पर हस्ताक्षर करवा कर बिल पास करवाना चाहता था, लेकिन मैंने हस्ताक्षर नहीं किए।’’ उल्लेखनीय है कि ग्राम सचिव में मस्टरोल में फर्जी हाजरियां भरकर 23 हजार रुपए का घपला किया था लेकिन चुन्नी देवी की सजगता के चलते वो गबन करने में नाकायाब रहा। यहीं नहीं उसने माफी मांगकर 23000 रुपए वापस जमा करवाए तब कहीं जाकर चुन्नी बाई ने मस्टरोल पर हस्ताक्षर किए। राजसमन्द जिले की जूणदा ग्राम पंचायत की सरपंच गीता देवी रेगर ने बताया कि अनुसूचित जाति के लोग गांव में शादी के समय दूल्हा घोडी पर बैठकर कर बिंदोली नहीं निकाल सकते थे, जिसके लिए लड़ाई लड़ी आज अनुसूचित जाति के लोग गांव में दुल्हें को घोड़ी पर बिठाकर बिंदोली निकाल सकते हैं। सरपंच बनते ही उनके सामने चुनौती थी पिछले 24 वर्ष से बंद पड़ी रोड लाईट को 26 जनवरी को चालू करवाना। जिसे उन्होंने चालू करवा दिया। अब वो पेयजलापूर्ति को चुनौती के रूप देख रही है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...