काइरो। मिस्र में जन विद्रोह के बाद सत्ता छोड़ने वाले पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के लिए गुरुवार को अदालत से मौत की सजा की मांग की गई। इस मामले में जज 9 जनवरी को घायलों और विद्रोह के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिजनों का बयान सुनेंगे। अप्रैल से पहले फैसला आने की उम्मीद है। अभियोजकों ने कहा कि तीन दशक तक शासन करने वाले इस तानाशाह ने पिछले वर्ष अपने शासन के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की हत्या करने का आदेश दिया था।
मुख्य अभियोजक मुस्तफा सुलेमान ने अदालत से कहा कि मुबारक ने 18 दिनों तक चले विद्रोह के दौरान प्रदर्शनकारियों की हत्या रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए। जो कुछ हुआ उसके लिए मुबारक ही जिम्मेदार हैं और इसके लिए हर हाल में उन्हें कानूनी और राजनीतिक जिम्मेदारी लेनी होगी। सुलेमान ने यह भी कहा कि पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली ने मुबारक के आदेश पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ युद्ध सामग्री इस्तेमाल करने की स्वीकृति दी थी। मुबारक, उनके दो बेटों, अदली और छह वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से लेकर प्रदर्शनकारियों की मौत तक में संलिप्तता तक के आरोप हैं। सभी आरोपियों के लिए मौत की सजा की ही मांग की गई है।


