इटावा: देश की राजधानी दिल्ली से अगवा किये गये एक मासूम स्कूली छात्र को उत्तर प्रदेश के इटावा में संयुक्त रूप से की गई मुठभेड के बाद दिल्ली एवं यूपी पुलिस ने मुक्त कराने में कामयाबी पाई है। यह मुठभेड इटावा जिले के बसरेहर इलाके के चकवा खुर्द गांव में करके मासूम को मुक्त कराया गया है। इस सिलसिले में तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफतार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार होने में सफल हो गया। इस अपहरण के मामले में सबसे खास बात यह है कि प्रिंस के अपहरण का मुख्य आरोपी प्रिंस के रिश्ते का भाई है, जो प्रिंस के पापा के ही घर पर उपरी हिस्से में रहता था।
अपहरण के पीछे जो कारण बताया गया है वो वाकई अचरज भरा है, क्योंकि धर्मवीर सिंह की जमीन का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली की किसी अथारिटी में अधिग्रहित कर लिया गया है, जिसके एवज में 2 करोड़ रुपये की रकम धर्मवीर को मिली। जब डालचंद को इस बात की जानकारी हुई तो उसने अपहरण की योजना बना डाली और अपहरण करने में कामयाब हो गया। धर्मवीर सिंह गांव गोटपुर, थाना करहल, मैनपुरी का मूल निवासी है तथा दिल्ली में राजा प्रतापबाग में स्थित आरएन चड्डा की कंपनी में नौकरी करता है। वह बच्चों समेत ई 15 लालबाग आजादपुर में रह रहा है।
11 जुलाई को उसका 6 वर्षीय पुत्र प्रिंस लापता हो गया। अगले दिन उसके मोबाइल फोन पर प्रिंस की फिरौती की 20 लाख रुपये की मांग की गई। इस पर धर्मवीर ने थाना आदर्श नगर में रिपोर्ट दर्ज करायी। एसएचओ आदर्श नगर बृजपाल सिंह ने इस मामले की छानबीन शुरू करके अपहर्ताओं की तलाश शुरू की। सर्विलांस से डालचंद्र निवासी थानूमई शिकोहाबाद फीरोजाबाद का पता चला। उससे प्रिंस के थाना बसेरहर क्षेत्र के गांव चकवा खुर्द में होने की जानकारी मिली।
दिल्ली पुलिस टीम ने मुख्यालय आकर अफसरों से संपर्क किया। इस पर सीओ सैफई के अरुण कुमार दीक्षित के नेतृत्व में एसओ बसरेहर दीप कुमार सोनी, एसआई श्यामलाल तथा दिल्ली पुलिस टीम के साथ चकवा खुर्द निवासी मनीष यादव के घर पर छापा मारा। इनमें संजय कई माह से दिल्ली स्थित धर्मवीर के घर के पास ही रह रहा था।
इटावा के एसएस पी.डा.अशोक कुमार राघव ने बताया कि जैसे ही इस बाबत पता चला कि दिल्ली से अगवा किये गया मासूम को इटावा लाया गया है, उसे रिहा कराने के लिये तत्कालिक तौर पर पुलिस को सर्तक करके मासूम बालक को रिहा करने मे कामयाबी पा ली गई है, साथ ही 3 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने में सफलता पाई गई है।
इटावा से दिनेश शाक्य की रिपोर्ट.


