लखनउ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने आज यहां कहा कि कांग्रेस राज में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा दंगे हुए हैं, जिनमें मुसलमानों को जानमाल का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। मलियाना, हाशिमपुरा, मुरादाबाद, अलीगढ़ के दंगों की याद से आज भी सिहरन होती है। मेरठ में तो कुएं से लाशें निकाली गई थी। भाजपा मुस्लिमों की दुश्मन है। उन्हें हमारे विरोध से डर लगता था। श्री यादव समाजवादी पार्टी मुख्यालय में एकत्र कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात में जब दंगा हुआ तो मैं ने संसद में नरेन्द्र मोदी को मानवता का हत्यारा कहा था। मैं स्वयं अहमदाबाद गया था। कफ्र्यू लगे होने के चलते जब मुझे रोका गया तो मैं ने कहा कि या तो जाने दो या गिरफ्तार करो, नहीं तो गोली मार दो। इसके बाद कर्फ्यू तोड़कर जब मुसलमानों के बीच गया तो वहां सभा भी की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा समाजवादी पार्टी की सरकारों में मुसलमानों के कल्याण की कई योजनाएं चलाई गईं, पुलिस पीएसी की भर्ती में कांग्रेस राज में डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा मुसलमानों की भर्ती नहीं हुई जबकि समाजवादी पार्टी सरकार बनने पर पहली बार 9 प्रतिशत, दूसरी बार 10.6 प्रतिशत तथा तीसरी सरकार में 15 प्रतिशत मुस्लिमों की भर्ती की गई। मुरादाबाद में 29 प्रतिशत मुस्लिमों की भर्ती हुई थी। शुक्रवार को नमाज पढ़ने के लिए दफ्तरों में 2 घंटे की छुट्टी की गई थी। इसके अलावा हजरत अली के जन्म दिन पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था।
मुलायम सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र सबसे अच्छी व्यवस्था है किन्तु इस में कुछ बुराइयां भी हैं। हमें इन में सुधार करना चाहिए। समाजवादी पार्टी में सबसे ज्यादा लोकतंत्र है। यहां हर कार्यकर्ता की बात सुनी जाती है और उस पर नेतृत्व विचार करता है। बसपा में कार्यकर्ता तो क्या ऐसे मंत्री और विधायक भी हैं, जो 4 साल में भी अपनी मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाएं हैं। समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता जुझारू हैं। बसपा सरकार ने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर लगभग एक लाख मुकदमें कायम कर रखे हैं। समाजवादी पार्टी अन्याय का हर जगह विरोध करती आई है और करती रहेगी।
श्री यादव ने कहा कि हम समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। विधान सभा के चुनाव फरवरी में हो सकते हैं। इसकी पूरी तैयारी रखनी होगी। उसके बाद लड़ाई तो दिल्ली के लिए 2014 में होनी है। विधान सभा की लड़ाई जीत गए तो बिना समाजवादी पार्टी के दिल्ली में कोई सरकार नहीं बन पाएगी। उन्होंने इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को जिताने और पार्टी की उपलब्धियां मतदाताओं तक पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है। जन आकांक्षाओं पर समाजवादी पार्टी को खरा उतरना ही होगा।
दिनेश शाक्य की रिपोर्ट.


