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यूपी के विवादित मंत्री अवधपाल सिंह यादव ने दिया इस्‍तीफा

लखनऊ : भ्रष्‍टाचार, वित्‍तीय अनियमितता तथा हत्‍या के आरोप जैसे मामलों से चौतरफा घिरे उत्‍तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्‍ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह यादव ने बुधवार को अपना इस्‍तीफा मुख्‍यमंत्री मायावती को सौंप दिया. लोकायुक्‍त ने मंगलवार को अवधपाल को भ्रष्‍टाचार एवं वित्‍तीय अनियमितता को लेकर मंत्री पद से हटाने की सिफारिश मुख्‍यमंत्री से की थी. अवधपाल ने पत्रकारों को बताया कि उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा सीएम को सौंप दिया है. अब इस मामले में उन्‍हें ही निर्णय लेना है.

लखनऊ : भ्रष्‍टाचार, वित्‍तीय अनियमितता तथा हत्‍या के आरोप जैसे मामलों से चौतरफा घिरे उत्‍तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्‍ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह यादव ने बुधवार को अपना इस्‍तीफा मुख्‍यमंत्री मायावती को सौंप दिया. लोकायुक्‍त ने मंगलवार को अवधपाल को भ्रष्‍टाचार एवं वित्‍तीय अनियमितता को लेकर मंत्री पद से हटाने की सिफारिश मुख्‍यमंत्री से की थी. अवधपाल ने पत्रकारों को बताया कि उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा सीएम को सौंप दिया है. अब इस मामले में उन्‍हें ही निर्णय लेना है.
लोकायुक्‍त जांच के बाद अवधपाल यूपी के दूसरे ऐसे मंत्री हैं, जिन्‍हें अपना पद छोड़ना पड़ा है. इससे पहले धर्मार्थ कार्य राज्‍यमंत्री राजेश त्रिपाठी ने को इस्‍तीफा देना पड़ा था. अवधपाल ने कहा कि लोकायुक्‍त ने अपनी जांच में कई आरोप लगाए हैं इसलिए वह नैतिकता के आधार पर अपना इस्‍तीफा मायावती को सौंप दिया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीतिक साजिश का नतीजा है, जिसका वह जमकर मुकाबला करेंगे.   

लोकायुक्‍त एनके मेहरोत्रा ने मंत्री को हटाने के लिए पूरे सबूत मुख्‍यमंत्री मायावती के सामने पेश किए थे. अपने 36 पेज के रिपोर्ट में लोकायुक्‍त ने चौदह ऐसे मामले में उठाए थे, जिनमें मंत्री का हाथ साफ नजर आता है. इसमें एटा में गैरकानूनी शराब भट्टी चलाने का मामला भी है, जिसमें प्रतिदिन दस हजार लीटर शराब बनती है और उनके परिवार के सदस्‍यों द्वारा बिकवाई जाती है. इसके पहले तीन लोगों की हत्‍या के मामले में भी मंत्री एवं उनके परिजनों का नाम सामने आया था, लेकिन राज्‍य सरकार ने  उन्‍हें क्‍लीन चिट दे दी थी.

अपनी रिपोर्ट में लोकायुक्‍त ने मायावती से मंत्री अवधपाल को पद से हटाने और उनके खिलाफ उनके गृह जिले एटा में आपराधिक मामला चलाने की कल सिफारिश की थी. राजभवन के सूत्रों का कहना है मुख्‍यमंत्री मायावती की ओर से अभी तक अवधपाल का इस्‍तीफा मंजूर करने की सिफारिश नहीं की गई है.

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