उत्तर प्रदेश की सत्ता हाथ में आते ही सपा के कार्यकर्ता गुंडागर्दी शुरू कर दी है. मतदान के दौरान ही रूझान में पार्टी की सरकार बनने के साथ शुरू हुआ सपा कार्यकर्ताओं की गुंडई का आतंक अब बढ़ता ही जा रहा है. ताजा घटनाओं में यूपी के सीतापुर, भदोही, बलिया तथा अम्बेडकर नगर में सपाइयों ने जमकर उत्पात किया है. इससे अब लोगों को लगने लगा है कि कहीं उनका चुनाव गलत तो नहीं हो गया. कहीं पांच साल पहले वाला गुंडाराज वापस तो नहीं आ गया. सरकार बनने से पहले ही सपा समर्थकों पर गुंडागर्दी के आरोप लगने शुरू हो गए हैं. उत्तर प्रदेश एक बार फिर उत्पात प्रदेश बनता दिखने लगा है. मुलायम और अखिलेश के वादे भी जनता को झूठे लगते दिखने लगे हैं.
पहली घटना सीतापुर जिले की है. यहां पर सपाइयों ने जमकर गुंडई की. आरोप है कि सपाइयों ने सीतापुर के बंभिया गांव में एक दर्जन से ज्यादा घरों में आग लगा दी. इसके बाद पथराव भी किया. ये लोग सपा उम्मीदवार महेंद्र सिंह झीन को वोट ने देने से नाराज थे. बताया जा रहा है कि जिन लोगों के घरों में आग लगाई गई है उन पर आरोप है कि उनलोगों ने सपा उम्मीदवार को वोट न देकर निर्दलीय प्रत्याशी शिव प्रकाश गुप्ता के पक्ष में मतदान किया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक के हथियारबंद गुर्गों ने सत्ता के नशे में बंभिया गांव में जमकर उत्पात मचाया. घंटों फायरिंग की. इसके बाद इन घरों में आग लगा दी. आग लगाए जाने के बाद जब पीडित अपने घरों से निकलकर बाहर भागे तो सपाइयों ने उनकी जमकर पिटाई भी की. एक व्यक्ति की इतनी पिटाई की गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. लाखों का सामान खाक होने की खबर है. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में पुलिस तैनात की है. तनाव अभी भी बना हुआ है.
भदोही से खबर है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में दलितों का घर फूंक दिया गया. इसमें एक दलित के घर पर राहुल गांधी भी रूके थे. भदोही के मखदूमपुर गांव में ही पिछले साल मई में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी एक दलित महिला के घर रुके थे. सत्ता के मद में चूर सपाइयों ने उक्त दलित महिला समेत आधा दर्जन घरों को आग के हवाले कर दिया. यहीं पर राहुल गांधी रूके थे तथा भोजन किया था. आगजनी से इन दलित परिवारों की पूरी गृहस्थी उजड़ गई है. इसी तरह आगरा में भी एक गांव में हत्या का आरोप सपा कार्यकर्ताओं पर लग रहा है. बताया जा रहा है कि आगरा के पार्वतीपुर गांव में ग्राम प्रधान की चुनावी रंजिश में हत्या कर दी गई है. प्रधान परिजनों ने इस हत्या का आरोप समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगाया है. पंचशील नगर में भी एक मूर्ति को तोड़ दिया गया. आरोप है कि सपाइयों ने इस काम को अंजाम दिया है.
अम्बेडकर नगर से खबर है कि सपा कार्यकर्ताओं ने बीएसपी के पूर्व मंत्री रामअचल राजभर के राइस मिल में आग लगा दी. बताया जा रहा है कि माया सरकार के कैबिनेट मंत्री रामअचल राजभर के बेटे अजय राजभर से कुछ लोगों की कहासुनी हो गई, जिसके बाद उन्होंने फायरिंग कर दी. फारिंग से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इससे गुस्साए सपाइयों ने पूर्व मंत्री की राइस मिल में आग लगा दी. ट्रैक्टर तथा कई सामानों को फूंक दिया. इस आगजनी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इधर, दोनों घायलों को लखनऊ अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि पुलिस ने इस घटना को राजनीतिक मामला होने से इनकार किया है. वहीं दूसरी तरफ अम्बेडकर नगर के बसोड़ा गांव में सपाइयों ने जमकर बवाल काटा तथा एक खास जाति के लोगों को निशाना बनाते हुए उनकी जमकर पिटाई की. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सपाई जमकर उत्पात मचा चुके हैं. इन्होंने झांसी, आगरा, फिरोजाबाद और संभल में भी बवाल किया था, जिसमें सात साल के एक बच्चे की भी मौत हो गई.


