जान-माने लेखक राजेन्द्र राजन की दो पुस्तकों ‘-पन्द्रहबीश के जंगलों से-’ और ‘बारह साक्षात्कार’ का विमोचन राजधानी शिमला में एक सादे समारोह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने किया। ‘पन्द्रहबीश के जंगलों से’ लेखक की यादों का एक संकलन है, जिसमें शिमला जिला के दूर-दराज क्षेत्र पन्द्रहबीश के घने जंगलों, ग्रामीण परिवेश व क्षेत्र के लोगों की सामाजिक जीवनशैली तथा समृद्ध संस्कृति का रोचक व सूचनात्मक विवरण है। पुस्तक में मुम्बई के आर.के. स्टूडियो, धर्मशाला शहर, उपेन्द्र नाथ अश्क का कल्लोवाणी मोहल्ला, कैप्टन रामसिंह ठाकुर, यशपाल का गांव, सुदर्शन फाकिर और भारतीय फिल्म व दूरदर्शन संस्थान पुणे की स्मृतियों को भी शामिल किया गया है। दूसरी पुस्तक, ‘बारह साक्षात्कार’ में महाश्वेता देवी, इंदिरा गोस्वामी, अमृता प्रीतम, गोबिन्द मिश्रा, चित्रा मुद्गिल, नरेन्द्र मोहन, हिमांशु जोशी, केशव, विभूतिनारायण रॉय आदि के अलावा जानमाने पहाड़ी चित्रकार ओ.पी. टाक के साक्षात्कारों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने राजेन्द्र राजन को दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक शिमला जिला के पन्द्रहबीश क्षेत्र की जीवनशैली के बारे विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाएगी, जबकि दूसरी पुस्तक विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिद्ध विभूतियों बारे जानकारी देगी। उन्होंने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लेखक ने आंकड़े संकलित कर इसे एक पुस्तक का रूप दिया है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पाठकों को शिमला जिला के दूरदराज क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध होने के अतिरिक्त लेखक द्वारा विभिन्न विभूतियों के साक्षात्कारों की जानकारी उपलब्ध करवायी गयी है। इस मौके पर शहर के प्रसिद्ध साहित्यकार केशव, सुदर्शन वशिष्ट और एस.आर. हरनोट सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। सभी ने राजन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा वे लिखने का सिलसिला इसी तरह से जारी रखेंगे। बारह साक्षात्कार में महाश्वेता देवी और अमृता प्रीतम संग्रहणीय माने जा रहे हैं।
जयश्री राठौड़ की रिपोर्ट.


