गोरखपुर : सदर के संसद योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि पश्चिमी संस्कृत और परम्परा में रंगे लोगों को भगवान श्री राम के बारे में जानने के लिए श्रद्धा और भावना की जरूरत पड़ती है. जेठमलानी के पिता ने उनका नाम राम रख कर भूल की थी. यदि ऐसा किया है तो राम की जगह उन्हें अपने पिता को कोसना चाहिए. योगी ने यह बातें सांसद राम जेठमलानी द्वारा राम पर किये गये व्यंग्य पर प्रतिक्रिया देते हुए कही.
उन्होंने कहा कि राम एक वास्तविकता हैं, वे मर्यादा के आदर्श हैं, वह पुरुषों में उत्तम हैं, इसलिए वह पुरुषोत्तम कहलाये. उन्होंने जो मर्यादा का आदर्श प्रस्तुत किया, उसके कारण वह मर्यादा पुरुषोतम राम कहलाये. हर सनातन धर्म उनका पूजा करता है. योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से राम जेठमलानी को पार्टी से बाहर करने की अपील की. उन्होंने कहा कि राम जेठमलानी जैसों के पार्टी में रहने से हिन्दू भावना भड़क सकती है. जो व्यक्ति राम का नहीं हुआ वह पार्टी का क्या होगा. राम जेठ मलानी राम द्रोही हैं.
महराजगंज से ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट.


