Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

राहुल पहुंचे भट्टा परसौल, मायावती को घेरा

ग्रेटर नोएडा : उत्‍तर प्रदेश में 2012 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कमर कस ली है. कांग्रेसी युवराज मंगलवार की सु‍बह अलीगढ़ के लिए पद यात्रा पर निकले. इस यात्रा के दौरान वे सबसे पहले भट्टा परसौल पहुंचे फिर यहां से अलीगढ़ के लिए निकल पड़े. राहुल के साथ काफी संख्‍या में ग्रामीण मौजूद हैं. राहुल के निशाने पर इस समय यूपी सरकार है. मायावती को घेरने के लिए राहुल उन खास जगहों का दौरा कर रहे हैं, जहां से उन्‍हें राजनीतिक लाभ मिल सकता है. राहुल ने ग्रामीणों से बात करते हुए कहा भी कि सरकार गरीब और किसानों पर अत्‍याचार कर रही है.

ग्रेटर नोएडा : उत्‍तर प्रदेश में 2012 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कमर कस ली है. कांग्रेसी युवराज मंगलवार की सु‍बह अलीगढ़ के लिए पद यात्रा पर निकले. इस यात्रा के दौरान वे सबसे पहले भट्टा परसौल पहुंचे फिर यहां से अलीगढ़ के लिए निकल पड़े. राहुल के साथ काफी संख्‍या में ग्रामीण मौजूद हैं. राहुल के निशाने पर इस समय यूपी सरकार है. मायावती को घेरने के लिए राहुल उन खास जगहों का दौरा कर रहे हैं, जहां से उन्‍हें राजनीतिक लाभ मिल सकता है. राहुल ने ग्रामीणों से बात करते हुए कहा भी कि सरकार गरीब और किसानों पर अत्‍याचार कर रही है.

केंद्र में कांग्रेस की सरकार है. राहुल अगर सचमुच किसानों का भला चाहते से किसानों की जमीन अधिग्रहण मामले में पुराने कानूनों की जगह नए कानूनों को लागू करवा सकते थे, परन्‍तु राहुल ने ऐसा कुछ नहीं किया. देश के अन्‍य भागों में भी किसान अपनी जमीनों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, परन्‍तु राहुल गांधी वहां जाना गवारा नहीं समझ रहे. यूपी में अगले वर्ष चुनाव हैं तो यहां के किसानों का दर्द राहुल को सबसे ज्‍यादा दिख रहा है. भट्टा परसौल में किसानों पर पुलिसिया कहर के बाद पहली बार राहुल 12 मई को मोटरसाइकिल पर बैठकर भट्टा परसौल पहुंचे थे.

राजनीतिक लाभ को देखते हुए राहुल ने यहां रात गुजारने का कार्यक्रम बनाया था. परन्‍तु पुलिस ने उन्‍हें हिरासत में लेकर यूपी सीमा के बाहर छोड़ दिया था. तब राहुल ने ऐलान किया था कि वे इस मुद्दे पर किसानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलेंगे तथा आंदोलन को जारी रखेंगे. इसी क्रम में आज सुबह राहुल भट्टा परसौल गांव पहुंचे थे. इसके बाद से मिर्जापुर और गैसा गांव भी गए. वे तमाम गांवों से होते हुए पैदल अलीगढ़ पहुंचेंगे.  राहुल तमाम गांवों के किसानों से बात करते हुए कहा कि वे जमीन अधिग्रहण मामले में पूरी तरह किसानों के साथ हैं.   

भले ही राहुल किसानों के नाम पर अलीगढ़ तक की पैदल यात्रा कर रहे हो परन्‍तु अब राहुल की मंशा लोगों की समझ में आने लगी है. राहुल राजनीतिक फायदा के लिए भले ही किसी दलित के यहां रात में रूक जाएं, भोजन कर लें परन्‍तु वास्‍तविकता यही है कि वे सामाजिक बदलाव से ज्‍यादा अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाहते हैं. ये वही राहुल हैं जिन्‍होंने महाराष्‍ट्र में कांग्रेस की सरकार होते हुए भी शिव सेना और मनसे द्वारा उत्‍तर भारतीयों पर हमले के दौरान एक बार भी बयान नहीं दिया. इन्‍हें डर था कि अगर इन्‍होंने बयान दिया तो चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है. ये मनमोहन सिंह की तरह चुप रहे.

फिर यही राहुल हैं कि जब महाराष्‍ट्र में चुनाव खत्‍म हो गया. कांग्रेस-राक्रांपा की सरकार बन गई तो राजनीति चमकाने और वाहवाही बटोरने के लिए लोकल ट्रेन से यात्रा की थी. यही राहुल हैं कि बिहार के छात्रों ने इनकी असलियत को समझकर इनका विरोध किया था, जिससे इन्‍हें भाषण खतम करके वहां से भागना पड़ा था. शायद बिहारियों ने राहुल की वास्‍तविकता समझ ली थी तभी बिहार में कांग्रेस और कभी उसके सहयोगी रहे दलों का सूपड़ा साफ कर दिया था. यूपी के लोकसभा चुनावों में जनता भले ही राहुल से बदलाव की उम्‍मीद कर कांग्रेस को वोट दे दिया हो, परन्‍तु अब लोग राहुल की राजनीति समझ चुके हैं. वैसे भी काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती है.

 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...