झुंझुंनू। जहां पूरे देश में एक तरफ तो अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रखा है वहीं दूसरी तरफ राजस्थान सरकार के अजमेर विद्युत वितरण निगम में करीब बीस दिनों पूर्व दस हजार रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किये गये अधिशासी अभियंता (सतर्कता) इन दिनों ईमानदारी का पाठ पढ़ा रहे है। घटनानुसार स्वाधीनता दिवस पर अजमेर विद्युत वितरण निगम के झुंझुंनू सर्किल पर मुख्य अभियंता बी.एम.गोयल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गये अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह कालेर ने न केवल सम्बोधित ही किया अपितु उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा से कार्य करने का पाठ भी पढ़ाया। रिश्वत खोरी में पकड़े गये अधिकारी के मुंह से ईमानदारी की बात सुनकर वहां उपस्थित लोग हतप्रभ रह गये।
उल्लेखनीय है कि रिश्वत लेते पकड़े गये कालेर फिलहाल निलम्बित हैं एवं उसके खिलाफ जांच चल रही है तथा उनका मुख्यालय अधिक्षण अभियंता कार्यालय, सीकर किया गया है। ऐसे में वे झुंझुंनू कैसे आये यह भी जांच का विषय है। इसी तरह अजमेर विद्युत वितरण निगम के झुंझुंनू सर्किल में अधिक्षण अभियन्ता के तकनीकि सहायक व अधिशासी अभियंता जे.एस.मांजू को अजमेर विद्युत वितरण निगम ने स्वाधीनता दिवस पर सराहनीय कार्य के लिये सम्मानित किया है। जबकि मांजू का नाम गत दिनों उजागर हुये ताम्बे के बदले एल्यूमीनियम कॉइल ट्रांसफार्मर घोटाला प्रकरण में चर्चित रहा है।
उक्त प्रकरण विधानसभा में भी गूंज चुका है तथा मामले की पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज है। इस घोटाले में निगम को करीब तीन करोड़ की हानि उठानी पड़ी थी। इतना सब होने के उपरान्त भी उक्त अधिकारी को महज इस लिये सम्मानित किया गया कि वो निगम के प्रबन्ध संचालक का नजदीकी माना जाता है। इसी कारण निगम ने इस प्रकरण में मांजू पर उदारता बरतते हुये उन्हे आनन फानन में क्लीन चिट दे दी व महज चेतावनी देकर छोड़ दिया गया तथा सारा दोष सप्लायर कम्पनी का मान कर उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया।
झुंझुंनू से रमेश सर्राफ की रिपोर्ट.


