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रुस्तम-ए-हिंद हरिश्चंद्र बिराजदार का निधन

पुणे : अपने जमाने के जाने-माने पहलवान रुस्तम-ए-हिंद हरिश्चंद्र बिराजदार का आज बुधवार को पुणे के रुबीहॉल अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से मेंदू की बीमारी से ग्रसित थे और रुबीहॉल अस्पताल में उपचार करवा रहे थे। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिराजदार को मेंदू की बीमारी की वजह से विगत आठ अप्रैल 2011 को उपचार के लिए रुबीहॉल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिस समय उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया था उस समय उनकी हालात नाजुक थी किंतु डॉक्टरों ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया था और उनकी हालात स्थिर हो गई थी। धीरे-धीरे वे काफी नार्मल हो गए थे जिसकी वजह से उन्हें सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।

पुणे : अपने जमाने के जाने-माने पहलवान रुस्तम-ए-हिंद हरिश्चंद्र बिराजदार का आज बुधवार को पुणे के रुबीहॉल अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से मेंदू की बीमारी से ग्रसित थे और रुबीहॉल अस्पताल में उपचार करवा रहे थे। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिराजदार को मेंदू की बीमारी की वजह से विगत आठ अप्रैल 2011 को उपचार के लिए रुबीहॉल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिस समय उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया था उस समय उनकी हालात नाजुक थी किंतु डॉक्टरों ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया था और उनकी हालात स्थिर हो गई थी। धीरे-धीरे वे काफी नार्मल हो गए थे जिसकी वजह से उन्हें सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार विगत मंगलवार को उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई, जिससे उन्हें तुरंत अति दक्षता कक्ष में पहुंचाकर उपचार शुरु किया गया। पहलवान बिराजदार की तबियत एक बार फिर बिगडऩे की खबर कुश्ती के पहलवानों और शौकीनों में जंगल की आग की तरह फैली जिससे बिराजदार के प्रशंसकों और पहलवानों ने मंगलवार से अस्पताल में भारी भीड़ की थी। उस समय उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।  कुश्ती के अखाड़े में अच्छे-अच्छे पहलवानों को धोबी पछाड़ मारने वाले रुस्तम-ए-हिंद हरिश्चंद्र बिराजदार जिन्दगी की यह कुश्ती जीवन रुपी अखाड़े में अंतत: बुधवार 14 सितंबर को हार गए और इस नश्वर संसार से हमेशा के लिए विदा हो गए। रुस्तम-ए-हिंद हरिश्चंद्र बिराजदार के निधन पर सभी क्षेत्रों से शोक व्यक्त किया जा रहा है।

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