औरैया : बसपा सर्मथक आरोपी मंलेश कठेरिया को बचाने के चलते चंदा उर्फ सफद के परिजनों का गुस्सा सांतवें आसमान पर जा पहुंचा परिणाम स्वरूप उग्र ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश औरैया जिले के बेला इलाके की याकूबपुर चौकी पर हमला कर दिया। हमले की वजह बना पुलिस का मनमाना रवैया। कहा जा रहा है कि देर रात चंदा के शव को कब्रिस्तान मे दफना दिया गया, उसके बाद आरोपियों के कई सर्मथकों की ओर से चंदा के परिजनों को इस बाबत धमकाया गया कि जो मामला दर्ज कराया है उसे वापस ले लो अन्यथा पूरे परिवार को चंदा की ही तरह मौत के घाट उतार दिया जायेगा।
इस बात की शिकायत रात को बेला थाने और याकूबपुर चौकी को दे दी गई लेकिन कोई सुनवाई करने की बजाय शिकायत को ही अनसुना कर दिया गया। इसी बात को लेकर आज सुबह चंदा के परिजन शिकायत करने के लिये याकूबपुर चौकी आये। वहां पर चौकी इंचार्ज आरके कौशल से उग्र ग्रामीणों की झड़प हो गई नतीजतन कई राउंड गोलियां पुलिस को अपनी ओर से चलानी पड़ी। इस घटना में घी का काम किया पुलिस उपाधीक्षक हृदेश कठेरिया की आरोपी मंलेश कठेरिया से करीबी। इसी के चलते चंदा की मौत के मामले में मौके से पकडे़ जाने के बाद भी मंलेश के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस हमले की घटना में करीब 5 पुलिस जनों के घायल होने की खबर मिली है, लेकिन अभी इस बात की पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं की जा सकी है। बताते चलें कि चंदा की मौत के तुरंत बाद भी पुलिस उपाधीक्षक हृदेश कठेरिया चंदा के बाप असलम पर मामला अपनी मर्जी से दर्ज कराने के लिए दबाब बना रहे थे लेकिन लोगों के गुबार को देखते हुये पुलिस को असलम के प्रार्थनापत्र पर ही मामला दर्ज करना पड़ा। इस सिलसिले में 5 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन संदिग्ध मुख्य आरोपी मंलेश कठेरिया को पुलिस ने पकड़ने के बाद रिहा कर दिया।
बताते चलें कि चंदा नाम की लड़की की दुराचार के बाद जला कर के हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। चंदा असलम की बेटी थी, जिसे पड़ोस में रहने वाले शहाबुददीन की बेटी बबली ने दिन में बुलाया उसके बाद कई लोगों ने उसके साथ दुराचार किया और जलाकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात करने वालों ने वारदात की कहानी कुछ इस तरह से पेश कर दी मानो कुछ हुआ ही नहीं। शहाबुददीन और उसका परिवार इस घटना के बाद कहता है कि वो तो अपनी बेटी को डांट रहा था कि अचानक चंदा बीच में आ गई डंडा लगने से उसकी मौत के बाद वो लोग डर गये और चंदा के शव को जला दिया। इससे पहले शहाबुद्दीन ने कहा था कि उसकी बेटी जलकर मर गई लेकिन ज्यादा कुरेदने पर बताया कि मरने वाली मेरी बेटी नहीं है यह चंदा है, तब लोगों के गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। फिलहाल पुलिस ने मरने वाली लड़की के शव को परीक्षण के लिये इटावा भेज दिया है। उधर औरैया के एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि लड़की के परिजनों के ओरापों के चलते कई आरोपियों को हिरासत मे ले लिया गया है। एसपी लड़की के परिजनों के गैंग रेप के आरोपो से कतई इनकार नहीं करते हैं।
दिनेश शाक्य की रिपोर्ट.


