सभ्यता और संस्कृत की स्थली छत्तीसगढ़ की भूमि पर लेखिका लक्ष्मी शरथ द्वारा देश के प्रतिष्ठित अखबार द हिन्दू के 17 फरवरी में अंक में प्रदेश की महिलाओं के संबंध में लिखी गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी से बवाल मच गया है. भाजपा और कांग्रेस के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. राजनीतिक दलो के साथ महिला संगठनों ने इस संबंध में लेखिका द्वारा खेद व्यक्त करने एवं माफी मांगने की मांग की है. राज्य का दौरा करने के बाद शरथ ने एक अंग्रेजी अखबार में लिखे अपने लेख में छत्तीसगढ़ की महिलाओं के 36 पति होने का जिक्र किया है. राज्य की महिलाओं के बारे में अभद्र टिप्पणी से बिफरे राज्य महिला आयोग ने लेखिका, अखबार को कानूनी नोटिस जारी कर तलब करने का फैसला किया है. आयोग की अध्यक्ष विभा राव के मुताबिक लक्ष्मी शरथ बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात देखने आई थी. उन्होंने अपने यात्रा वृतांत में चित्रकोट की सुंदरता और विशेषताओं पर कुछ नहीं लिखा बल्कि उल्टे यहां की महिलाओं पर अशोभनीय टिप्पणी कर दी.
भाजपा महिला मोर्चा और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने उनकी इस टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुआ कहा है कि एक लेखिका से इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी. इस तरह की टिप्पणी से राज्य की महिलाओं के सम्मान और गरिमा को ठेस लगी है. लेखिका लक्ष्मी शरथ की टिप्पणी से नाराज भाजपा महिला मोर्चा ने रायपुर के स्पोर्टस काम्पलेक्स स्थित धरना स्थल पहुंचकर जमकर नारेबाजी की एवं लेखिका का पुतला दहन किया. इस अवसर पर प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. छत्तीसगढ़ के विषय में लेख लिखने वाली लेखिका लक्ष्मी शरथ खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगें वरना उसके खिलाफ प्रदेश महिला मोर्चा आंदोलन करेगी. स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स मैदान में लेखिका लक्ष्मी शरथ के पुतला दहन के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए श्रीमती सोनी ने कहा कि एक महिला होकर इस तरह की बातें लिखना उन्हें शोभा नहीं देता. ऐसा कर उन्होंने कुंठित मानसिकता का परिचय देते हुए संपूर्णं नारी जाति का अपमान किया है. प्रदेश महिला मोर्चा की रायपुर जिला अध्यक्ष मीनल चौबे ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित अखबार में छत्तीसगढ़ के विषय लेखिका लक्ष्मी शरथ ने जो कुछ भी लिखा है वह न सिर्फ आपत्तिजनक है वरन, लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला है. उन्होंने अपने यात्रा वृतांत में छत्तीसगढ़ की महिलाओं का अपमान किया है जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता..
आरके गांधी की रिपोर्ट.


