नई दिल्ली : मजबूत लोकपाल बिल के लिए राजनीतिक समर्थन जुटाने के प्रयास में राजनेताओं से मिल रही अन्ना की टीम आज सोनिया दरबार में हाजिरी लगाने पहुंची। अन्ना एवं उनकी टीम आज शाम लगभग चार बजे दस जनपथ में सोनिया गांधी से मिली। अन्ना एवं उनकी टीम ने लोकपाल ड्राफ्ट पर बातचीत किया तथा सरकार के और सिविल सोसायटी के ड्राफ्ट में मुख्य बिंदुओं के अंतर के बारे में बताया. अब बिल को लेकर सोनिया ने अन्ना और उनकी टीम को क्या आश्वासन दिया यह तो नहीं पता चला, परन्तु बताया जा रहा है कि उन्होंने अन्ना और उनकी टीम की बात को ध्यान से सुना। अब अन्ना और उनकी टीम को इस मुलाकात से कितना फायदा पहुंचेगा यह तो आने वाला समय बताएगा।
इधर, मुलाकात खतम होने के बाद मीडिया से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा कि सोनिया गांधी से मुलाकात सकारात्मक रही। हमने उन्हें सिविल सोसायटी और सरकार के ड्राफ्ट के बीच का अंतर बताया। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें उन छह बिंदुओं के बारे में भी बताया, जिसको लेकर सरकार के मत्रियों और सिविल सोसायटी के लोगों में मतभेद है। अन्ना ने कहा कि मैंने सोनिया गांधी से अपील की है कि संसद में सही और मजबूत लोकपाल ड्राफ्ट जाना चाहिए ताकि उसपर सकारात्मक बहस हो सके क्योंकि इस समय देश को एक मजबूत लोकपाल की जरूरत है। सोनिया ने इस बारे में क्या आश्वासन दिया है इस बारे में अन्ना ने कुछ नहीं बताया.
उल्लेखनीय है कि अन्ना और उनकी टीम मजबूत लोकपाल ड्राफ्ट बनाने तथा प्रधानमंत्री पद को भी लोकपाल के दायरे में लाने को लेकर संघर्ष कर रही है। जिसका कुछ मंत्री विरोध कर रहे हैं। इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें लोकपाल के दायरे में आने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उनके कुछ सहयोगियों के बीच इस ड्राफ्ट को लेकर मतभेद है। इसके पहले अन्ना भाजपा, रालोद, जदयू, वाम के कई नेताओं से राजनीतिक सहयोग के लिए मिल चुके हैं, जबकि इस बार उन्होंने मायावती से मिलने का समय मांगा है।


