गोरखपुर। लोकायुक्त जांच के दायरे में आने के बाद बर्खास्त किए गए वन मंत्री फतेह बहादुर सिंह वन निगम का लाखों रुपये का सामान दबाए बैठे हैं। इसमें कई कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, एसी, फोटोस्टेट मशीन, कीमती फर्नीचर, कलर टीवी के अलावा कई चीजें तो ऐसी हैं जिनकी कहीं एंट्री तक नहीं है। फतेह बहादुर से सामान वापस लेने में निगम के अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। अफसरों ने तीन बार पत्र लिखकर सामान वापस करने को कहा हैं। बर्खास्त मंत्री फ़तेह बहादुर वन विभाग का समान वापस करने मे कतरा रहे है। सूत्रों के अनुसार, वन मंत्री के पद पर रहने के दौरान फतेह बहादुर के निर्देश पर विभाग की ओर से उन्हें जो सामान दिए गए थे, उसे वापस नहीं किया जा रहा है। उनके इशारे पर कीमती सामान खरीदकर पहुंचाने वाले अफसरों की जान सांसत में हैं क्योंकि ऑडिट होने पर उनकी गर्दन फंस सकती है।
नियमानुसार पद से हटने के बाद मंत्री को सारा सामान विभाग को लौटा देना चाहिए जो उनके लिए जारी किया गया है। लेकिन फतेह बहादुर ने कोई सामान नहीं लौटाया है। अब अफसर इसके लिए लिखा-पढ़ी करने में जुटे हैं। ताकि जांच होने पर यह तो कह सकें कि प्रयास किए जा रहे हैं। वन निगम के एमडी आरसी गौतम ने 12 जनवरी को फतेह बहादुर सिंह को पत्र भेजकर सामान वापस करने का अनुरोध किया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद गौतम और निगम के जीएम (उत्पादन) सीएल मनिकांत ने 31 जनवरी को फतेह बहादुर को पत्र भेजा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। प्रभागीय प्रबंधक (मुख्यालय) एपी श्रीवास्तव ने 2 फरवरी को 29 और सामानों की फेहरिस्त के साथ फतेह बहादुर को पत्र भेजा है।


