: बलात्कार समेत कई मामलों में आरोपित थे सागर : पहले ही कट चुका था बिल्सी से टिकट : डेढ साल बाद कार्रवाई पर चुप्पी साधे है बसपा : लखनऊ : जौनपुर में धनंजय सिंह के निलम्बन और संस्कृति मंत्री सुभाष के पर काटने के बाद बसपा के एक और विधायक को भी बाहर का रास्ता दिखा गया। योगेंद्र सागर को आज मायावती ने निलंबित कर दिया। आरोप लगाया गया है कि उन पर बलात्कार समेत कई मामले चल रहे थे।
कहने की जरूरत नहीं कि बसपा में अब तक जितने भी लोगों के घुटने छोटे किये गये हैं, उन सभी पर नकेल डालते हुए उनका निलंबन किया गया। यानी पर कतर कर उन्हें किसी और पार्टी में जाने के लायक नहीं छोड़ा गया है। अब तक करीब चार दर्जन से ज्यादा नेताओं की हालत मायावती ने परकटे परिंदे जैसी बना दी है। जाहिर है, बसपा के इन फैसलों से मिश्रित मगर जोरदार प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। सागर खेमा अब बाकायदा विद्रोह की भूमिका में आने को तैयार बताया जाता है।
योगेंद्र सागर बदायूं की बिल्सी से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गये थे। करीब डेढ साल पहले उन पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था। यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है। हैरत की बात है कि मायावती को डेढ साल बाद इस बात की याद आयी कि ऐसे आरोपित के पार्टी में होने से पार्टी की छवि बिगड रही है। हालांकि दीगर आरोपों के मुताबिक सागर अनुशासनहीन, विवादग्रस्त आचरण व कार्यशैली, क्षेत्र की जनसमस्याओं के निस्तारण में रुचि न लेना और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहना प्रमुख है। सागर का खेमा फिलहाल इस निलंबन से स्तब्ध है। लेकिन खबर है कि वे जल्दी ही इसका जोरदार विरोध शुरू कर देंगे।
पार्टी के एक बयान के मुताबिक इस निष्कासन के पीछे मायावती के महिला होने और महिलाओं के सम्मान की रक्षा, उन पर जुल्म-ज्यादती पर बेहद संवेदनशील तथा पीड़ितों
को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होने के तहत ही उठाया गया है। बयान के मुताबिक मायावती के स्पष्ट निर्देश हैं कि महिलाओं पर अत्याचार करने वाले लोगों के खिलाफ बगैर किसी पक्षपात के विधिसम्मत सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।
लेखक कुमार सौवीर लखनऊ के जाने-माने और बेबाक पत्रकार हैं. कई अखबारों और न्यूज चैनलों में काम करने के बाद इन दिनों आजाद पत्रकारिता कर रहे हैं.उनसे संपर्क 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.


