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विवाह पंजीयन से पहले देना होगा कन्‍या भ्रूण हत्‍या न करने का शपथ पत्र

: मुख्य शासन सचिव ने पीसीपीएनडीटी को लेकर दिए दिशानिर्देश : बाडमेर। पीसीपीएनडीटी अधिनियम को कठोरता से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती बरतते हुए सभी जिलाधिकारियों को सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर दृढ़संकल्पित राज्य सरकार ने विभिन्न निर्णय लेते हुए बुधवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिशानिर्देश दिए। मुख्य शासन सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने को लेकर अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने सभी अधिकारियों को कहा है कि अब भविष्य में जब भी विवाह पंजीयन हो, वहां संबंधित दंपति से शपथ पत्र लें कि वे लिंग की जांच नहीं करवाएंगे और न ही कन्या भ्रूण हत्या करेंगे। इसके अलावा जिलास्तर पर एक एडवाईजरी कमेटी बनाने के आदेश दिए गए हैं, जिसकी एक निर्धारित तिथि को बैठक होगी और बैठक में मासिक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। वहीं सोनोग्राफी करवाने वाली प्रत्येक गर्भवती की टेकिंग की जाएगी कि कहीं उसने अन्य संस्थान पर जाकर भ्रूण हत्या तो नहीं करवाई। इसके साथ ही एमटीपी करने वाले प्रत्येक निजी चिकित्सालयों की जांच भी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

: मुख्य शासन सचिव ने पीसीपीएनडीटी को लेकर दिए दिशानिर्देश : बाडमेर। पीसीपीएनडीटी अधिनियम को कठोरता से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती बरतते हुए सभी जिलाधिकारियों को सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर दृढ़संकल्पित राज्य सरकार ने विभिन्न निर्णय लेते हुए बुधवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिशानिर्देश दिए। मुख्य शासन सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने को लेकर अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने सभी अधिकारियों को कहा है कि अब भविष्य में जब भी विवाह पंजीयन हो, वहां संबंधित दंपति से शपथ पत्र लें कि वे लिंग की जांच नहीं करवाएंगे और न ही कन्या भ्रूण हत्या करेंगे। इसके अलावा जिलास्तर पर एक एडवाईजरी कमेटी बनाने के आदेश दिए गए हैं, जिसकी एक निर्धारित तिथि को बैठक होगी और बैठक में मासिक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। वहीं सोनोग्राफी करवाने वाली प्रत्येक गर्भवती की टेकिंग की जाएगी कि कहीं उसने अन्य संस्थान पर जाकर भ्रूण हत्या तो नहीं करवाई। इसके साथ ही एमटीपी करने वाले प्रत्येक निजी चिकित्सालयों की जांच भी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

समाज में जागरूकता पैदा करने के लिए एनजीओ व अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर बेहतर आईईसी करने के लिए प्लान बनेगा। साथ ही सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में निजी स्कूल संचालकों को पाबंद किया जाए कि वे उन दंपतियों की बेटी को प्रवेश में प्राथमिकता दें, जिनके एक ही बेटी हो। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा बेटियों का सम्मान और उन्हें पुरस्कृत किया जाए। कन्या भ्रूण हत्या की शिकायत अब स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 104 और चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर भी दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित करीब 15 विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बाड़मेर से चंदन सिंह भाटी की रिपोर्ट.

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