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व्‍यापारिक घराने चला रहे अखबार और पत्रकार बेच रहे खबर : डा. मुरली मनोहर जोशी

वाराणसी। देश पर जिस तरह का सभ्यता मूलक संकट छाया हुआ है, वैसा ही संकट पत्रकारिता पर है। मीडिया में विचारों को प्रेरित करने की शक्ति है तो वही समग्र चिंतन, तथ्यों और संदर्भों को कुंठित करने की भी शक्ति है। तथ्यों और संदर्भों को सही तरीके से पहुंचाना ही पत्रकारिता है, वरना यह चाटुकारिता में तब्दील हो जाएगी। यह उद्गार आज महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में महामना मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान भवन का शिलान्यास करते हुए मुख्य अतिथि वाराणसी के सांसद व लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ0 मुरली मनोहर जोशी ने व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि महामना मदनमोहन मालवीय के नाम से जुड़ा यह पत्रकारिता संस्थान उनके आदर्शों को प्रासंगिक बनाए रखेगा।

वाराणसी। देश पर जिस तरह का सभ्यता मूलक संकट छाया हुआ है, वैसा ही संकट पत्रकारिता पर है। मीडिया में विचारों को प्रेरित करने की शक्ति है तो वही समग्र चिंतन, तथ्यों और संदर्भों को कुंठित करने की भी शक्ति है। तथ्यों और संदर्भों को सही तरीके से पहुंचाना ही पत्रकारिता है, वरना यह चाटुकारिता में तब्दील हो जाएगी। यह उद्गार आज महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में महामना मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान भवन का शिलान्यास करते हुए मुख्य अतिथि वाराणसी के सांसद व लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ0 मुरली मनोहर जोशी ने व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि महामना मदनमोहन मालवीय के नाम से जुड़ा यह पत्रकारिता संस्थान उनके आदर्शों को प्रासंगिक बनाए रखेगा।

डॉ0 जोशी ने चुटकी लेते हुए कहा कि मालवीय जी की कृपा व अनुग्रह से देश में सर्वोच्च स्थान पाने वाले लोगों ने भी उन्हें विस्मृत कर दिया। ऐसे में काशी विद्यापीठ ने उन्हें एक सीख दी है। डॉ0 जोशी ने कहा कि मदन मोहन मालवीय भारतीय संस्कृति के परोधा, संरक्षक व संवाहक थे, लेकिन उनकी 150वीं जयन्ती पर उनको उस तरह याद नहीं किया गया, जिस तरह गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर को पश्चिम बंगाल में याद किया गया। इसके शायद अलग राजनीतिक कारण हो सकते हैं।

डॉ0 मुरली मनोहर जोशी ने इस बात पर भी चुटकी ली कि अधिकतर अखबार व्यापारिक घरानों द्वारा संचालित हो रहे है, परिणामस्वरूप समग्र चितंन कुंठित हो रहा है। अब पत्रकार खबर बेचते है वह कमोडेटी बन चुके हैं। इससे पत्रकार की विश्वसनीयता संकट में है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन और प्रायोजित हो रही खबरों से जनतंत्र पर खतरा है। डॉ0 जोशी ने कहा कि अब जमाना बदल रहा है और पाठक भी समझदार हो चुके हैं। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक विश्वास का संकट है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने प्रति विश्वास डिगने न दें। डॉ0 जोशी ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का उद्गम क्षेत्र वाराणसी है और काशी विद्यापीठ स्वतंत्रता आंदोलन की गवाह रही है। ऐसे में इस संस्थान से निकले पत्रकार विचार स्वतंन्त्रा के मार्ग को प्रशस्‍त करेंगे। संस्थान से निकले विद्यार्थी भी तथ्यों व संदर्भों को सही तरीके से प्रस्तुत कर लोक मंगलकारी पत्रकारिता को पोषित करेंगे।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति डॉ0 पृथ्वीश नाग ने कहा कि काशी विद्यापीठ ने हमेशा मानक तैयार किए है। महामना हम सब के प्रेरक है। इस कार्यक्रम से भी यह स्पष्ट हो गया है कि महामना मालवीय पर अब काशी विद्यापीठ का भी अधिकार है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और महामना के आदशों एवं मूल्यों के अनुरूप इस विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था का भावी स्वरूप विकसित होगा। यह हमारा समग्र प्रयास होगा कि यह संस्थान मूल्य परक पत्रकारिता को बढ़ावा दे। इस तरह भविष्य में यह पत्रकारिता संस्थान महामना के मूल्यों को संरक्षित करेगा और जिसका बीजारोपण आज हुआ हैं वह पौधा पुष्पित पल्लवित होगा।

आरम्भ में महामना मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो0 ओम प्रकाश सिंह ने डॉ0 जोशी सहित आगतों का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ0 जोशी की अपेक्षाओं पर संस्थान खरा उतरेगा। प्रो0 ओम प्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि 21 खम्भों पर आधारित इस निर्माणधीन संस्थान में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी, स्टूडियो, व्याख्यान कक्ष सहित सर्व सुविधा युक्त 07 कक्ष होंगे। प्रो0 सिंह ने आगे बताया कि पहली बार डॉ0 जोशी के प्रयास से पूरे प्रदेश में किसी विश्वविद्यालय को 62.47 लाख की राशि प्राप्त हुयी है। जबकि एक बार में 25 लाख से ज्यादा धनराशि किसी ने पूरे उत्तर प्रदेश में एक विभाग को पहले नहीं दिया था। इस तरह महामना मालवीय जी की 150वीं जयन्ती पर डॉ0 जोशी जी ने यह धनराशि देकर मालवीय जी के प्रति अपने स्नेह और श्रद्धांजलि अर्पित किया है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं पश्चिमी बिहार के पत्रकारिता के छात्रों को प्रशिक्षण का समुचित लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर वी0डी0ए0 उपाध्यक्ष आर0पी0गोस्वामी, प्रेम प्रकाश कपूर, अजय सिंह, राजीव बेलवाल, वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ0 अत्रि भारद्वाज, डॉ0 जय प्रकाश सिंह, अशोक पाण्डेय, देवेन्द्र सिंह, नवरतन राठी, चीफ प्राक्टर प्रो0 एम0बी0शुक्ला, प्रो0 गिरीजा प्रसाद दुबे, डॉ0 यू0एन0 चौबे, डॉ0 योगेन्द्र सिंह, डॉ0 चतुर्भुज नाथ तिवारी, प्रो0 राम मोहन पाठक, प्रो0 मुन्नी लाल विश्वकर्मा, वित्त अधिकारी गीतिकना सुर, वि0वि0अभियन्ता श्री राजेश दीक्षित, वरिष्ठ पत्रकार डॉ0 श्रीराम त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ0 राम त्रिपाठी, शैलेश चौरसिया, जिनेश कुमार, आकाश कुमार, रवीन्द्र, लोकनाथ, डॉ. प्रमथेश पाण्डेय की मुख्य रूप से गरिमामयी उपस्थिति रही। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव साहब लाल मौर्य ने किया। आरम्भ में मंगलाचरण दिनेश चन्द्र शुक्ल ने किया। सुरूचिपूर्ण संचालन पत्रकारिता संस्थान की छात्रा हेमलता त्रिपाठी व नेहा ने किया।

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