पुट्टापर्थी : सत्य साईं बाबा की मौत के बाद से ही सत्य साईं ट्रस्ट सवालों के घेरे में है। पिछले दिनों आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में 35.5 लाख रुपये मिलने तथा इसमें एक ट्रस्टी का नाम सामने आने के बाद साईं बाबा के अनुयायियों में नाराजगी है। सत्य साईं बाबा के अनुयायियों ने आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी में सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के पैसे का उसके सदस्यों द्वारा गलत इस्तेमाल और घपलेबाजी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध कर रहे अनुयायियों का कहना है कि ट्रस्ट से हमारा भरोसा उठ गया है। हम चाहते हैं कि सदस्य ट्रस्ट छोड़ दें।
विरोध प्रदर्शन में जुटे सत्य साईं के अनुयायी ट्रस्ट के कामकाज की जांच की मांग कर रहे हैं। 17 जून को 11.56 करोड़ रुपये की नकद राशि यजुर मंदिर से मिली थी। यजुर मंदिर सत्य साईं का निजी चैंबर था। नकद पैसों के अलावा वहां से 98 किलो सोना और 307 किलो चांदी भी मिली थी। उस समय ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा था कि आयकर विभाग के अधिकारियों के सामने नकद राशि गिनी जा रही है और इसे बैंक में जमा कराया जा रहा है। परन्तु दो दिनों बाद 19 जून को पुलिस ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से 35.5 लाख रुपये ट्रस्ट से जुड़ी एक कार से बरामद किए।
पुलिस ने इस मामले में कार के ड्राइवर हरीशनंदा शेट्टी को गिरफ्तार किया था। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रस्ट के ही एक पदाधिकारी वी. श्रीनिवासन ने शेट्टी को पैसे पहुंचाने के लिए दिए थे। इस बरामदगी के बाद इन आरोपों को भीबल मिला कि आश्रम से काफी पैसा हटाकर दूसरे स्थानों पर भेजा जा रहा है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। सत्य साईं बाबा के भतीजे और ट्रस्ट के सदस्य आरजे रत्नाकर से शनिवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने नकद पैसे की बरामदगी के संबंध में पूछताछ की। इसके अलावा पुलिस वी. श्रीनिवासन से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने कार से रुपये बरामद होने के मामले में रत्नाकर और श्रीनिवासन को नोटिस भेजा था।
इस बीच, हिंदूपुर के मजिस्ट्रेट ने कार से नकद रुपये बरामद होने के मामले में गिरफ्तार किए गए चालक हरीशनंदा शेट्टी, सोहन शेट्टी और चंद्रशेखर को सशर्त जमानत दे दी है। कुछ दिनों पहले सत्य साईं बाबा के परिवार की सदस्य चेतना राजू ने भी अपनी जान को खतरे की बात बताई थी। चेतना का कहना था कि वह ट्रस्ट का प्रबंधन कर रहे लोगों के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े कर रही हैं, इसलिए उनकी जान को खतरा है। गौरतलब है कि सत्य साईं बाबा ने 24 अप्रैल को अंतिम सांस ली थी।


