लखनऊ। केंद्र में एटमी करार के बाद अल्पमत में आई सरकार बची कांग्रेस की और अब पूछताछ हो रही है गैर कांग्रेसियों से। यह टिप्पणी आज समाजवादी पार्टी ने इलाहाबाद से पार्टी के सांसद रेवती रमण सिंह से दिल्ली में हुई पूछताछ के बाद की। इससे पहले सरकार बचाने के लिए सांसदों की खरीद फरोख्त के मामले में समाजवादी पार्टी के बागी सांसद अमर सिंह से पूछताछ की जा चुकी है। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति और एजंडा साफ़ कर दिया है।
नोट के बदले वोट मामले में मुलायम सिंह ने न सिर्फ अमर सिंह का बचाव किया बल्कि कांग्रेस की राजनीति पर सवाल भी खड़ा कर दिया है। यह तो आज हर कोई मान रहा है कि सरकार तो कांग्रेस की बची पर इस खेल में फंसाए जा रहे हैं गैर कांग्रेसी। यह किसी के गले भी नहीं उतर रहा है कि एटमी डील को लेकर अल्पमत में आई सरकार को बचाने के लिए जो भी सौदेबाजी हुई उससे कांग्रेस कैसे बच सकती है? मुलायम सिंह से लेकर अमर सिंह ने सरकार को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई पर सांसदों की अगर कोई खरीद फरोख्त हुई हो तो उसकी कीमत तो कांग्रेस ही देगी दूसरा कोई दल तो देगा नहीं। ऐसे में कांग्रेस के किसी नेता का सामने न आना और अमर सिंह से लेकर रेवती रमण सिंह जैसे समाजवादी पार्टी के नेताओं पर शिकंजा कसना मुलायम सिंह को भड़काने के लिए काफी था।
मुलायम सिंह ने अमर सिंह का साथ देकर एक तीर से कई निशाने भी साधे है। कांग्रेस के खिलाफ जो माहौल बन रहा है उसे कोई मजबूत आवाज नहीं मिल पा रही है। टू जी स्पेक्ट्रम, एटमी डील पर सरकार बचाने की सौदेबाजी और भूमि अधिग्रहण व किसानों के सवाल पर कांग्रेस की दोहरी भूमिका ऐसे मुद्दे हैं जिस पर कोई सवाल नहीं उठ रहा। इस मामले में जो फंस रहे हैं वे सभी गैर कांग्रेसी हैं। स्पेक्ट्रम घोटाला उत्तर प्रदेश सरकार के बजट से भी ज्यादा का है, पर राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के करीब चार हजार करोड़ के घोटाले पर मायावती सरकार को गिराने की बात कर रहे हैं जबकि स्पेक्ट्रम घोटाला पौने दो लाख करोड़ का है।
वर्ष २०११-१२ का उत्तर प्रदेश का कुल बजट एक लाख उनहत्तर करोड़ का था और केंद्र सरकार का स्पेक्ट्रम घोटाला उससे भी बड़ा है पर कोई कांग्रेसी इस मामले में पूछताछ तक के दायरे में नहीं है। समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा- कांग्रेस का कोई नेता किसी बड़े घोटाले में नहीं फंसा। यह कैसे हो गया? समाजवादी पार्टी ने मनमोहन सिंह की सरकार बचाई और अब हमारी पार्टी के नेताओं को पुलिस पूछताछ के लिए बुला रही है। कांग्रेस का यह खेल निराला है। देश भर में सबसे ज्यादा किसानों ने खुदकुशी कांग्रेस के राज्यों में की, चाहे महाराष्ट्र हो या आंध्र प्रदेश पर राहुल गांधी आज किसानों के रहनुमा बन जाते हैं। इसलिए समाजवादी पार्टी आगे आकर कांग्रेस के दोहरे मानदंडों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।
मुलायम की रणनीति सिर्फ कांग्रेस विरोध तक ही नहीं सीमित है। वे उत्तर प्रदेश के अगले विधान सभा चुनाव में अगड़ों का भी समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। ऐसे में संकट में फंसे पुराने साथी की मदद में आकर मुलायम सिंह ने राजपूत बिरादरी को भी एक संदेश देने का प्रयास किया है। गौरतलब है कि पिछली बार जब रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया को जेल भेज दिया गया था तो सारे राजपूत नेताओं ने राजा भैया का समर्थन किया और अमर सिंह ने इसे मुद्दा भी बनाया था। तब राजा भैया के कैसेट गांव गांव बांटे गए थे। बाद में समाजवादी पार्टी को इसका सियासी फायदा भी मिला। ऐसे में अमर सिंह का संकट में साथ देना मुलायम सिंह को फायदा ही पहुंचाएगा। साथ ही अमर सिंह भी अब उत्तर प्रदेश के चुनाव में मुलायम का खुलकर विरोध करेंगे यह उम्मीद नहीं है। ऐसे में मुलायम का यह कदम प्रदेश में जहां फायदा पहुंचायेगा वाही राष्ट्रीय स्तर पर नए धुव्रीकरण की जमीन भी तैयार कर सकता है। साभार : जनसत्ता
लेखक अंबरीश कुमार वरिष्ठ पत्रकार तथा उत्तर प्रदेश में जनसत्ता के प्रभारी हैं.


