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सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्ध थी शिवदेव नारायण राय की पत्रकारिता

वाराणसी। शिवदेव नारायण राय की पत्रकारिता में राजनीतिक व सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्धता थी। सामाजिक चितंन के प्रति भी वे जबरदस्त तरीके से प्रतिबद्ध थे। साथ ही उनकी अपनी निजी सामाजिक व राजनीतिक दृष्टि थी। यह विचार आज मंगलवार को काशी पत्रकार संघ व वाराणसी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पराड़कर स्मृति भवन में उनकी स्मृति में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किए। बीएचयू शिक्षा संकाय में प्रोफेसर हरिकेश सिंह ने कहा कि शिवदेव नारायण राजनारायण की वैचारिकी के संवाहक थे। राजनारायण व चन्द्रशेखर को निकट लाने में उनकी अहम भूमिका थी। उद्योगपति व समाजसेवी अशोक गुप्त ने उन्हें सिद्धांतवादी व स्पष्टवादी वक्ता बताते हुए कहा कि आर्थिक पत्रकारिता में उनकी मजबूत पकड़ थी, लेकिन उन्होंने बाद में व्यवसाय की राह पकड़ ली। उन्होंने उनकी स्मृति में पत्रकार संघ द्वारा योग्य पत्रकार को उनकी स्मृति में पुरस्कार देने के निमित्त दो लाख की आर्थिक मदद की पेशकश की। साथ ही स्मृति ग्रंथ प्रकाशित करने का सुझाव दिया। 

वाराणसी। शिवदेव नारायण राय की पत्रकारिता में राजनीतिक व सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्धता थी। सामाजिक चितंन के प्रति भी वे जबरदस्त तरीके से प्रतिबद्ध थे। साथ ही उनकी अपनी निजी सामाजिक व राजनीतिक दृष्टि थी। यह विचार आज मंगलवार को काशी पत्रकार संघ व वाराणसी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पराड़कर स्मृति भवन में उनकी स्मृति में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किए। बीएचयू शिक्षा संकाय में प्रोफेसर हरिकेश सिंह ने कहा कि शिवदेव नारायण राजनारायण की वैचारिकी के संवाहक थे। राजनारायण व चन्द्रशेखर को निकट लाने में उनकी अहम भूमिका थी। उद्योगपति व समाजसेवी अशोक गुप्त ने उन्हें सिद्धांतवादी व स्पष्टवादी वक्ता बताते हुए कहा कि आर्थिक पत्रकारिता में उनकी मजबूत पकड़ थी, लेकिन उन्होंने बाद में व्यवसाय की राह पकड़ ली। उन्होंने उनकी स्मृति में पत्रकार संघ द्वारा योग्य पत्रकार को उनकी स्मृति में पुरस्कार देने के निमित्त दो लाख की आर्थिक मदद की पेशकश की। साथ ही स्मृति ग्रंथ प्रकाशित करने का सुझाव दिया। 

एमएलसी चेतनारायण सिंह ने कहा कि शिवदेव नारायण का व्यक्तित्व बहुआयामी था। पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि वे भीड़ का सन्नाटा तोड़ने में दक्ष थे। अध्ययन के प्रति उनमें बेहद लगाव भी था। पूर्व अध्यक्ष आर के जैन ने उन्हें प्रखर समाजवादी बताया। महामंत्री कृष्णदेव नारायण राय ने कहा कि वे परोपकार में विश्वास रखते थे। संगोष्ठी की अध्यक्षता अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त व संचालन संयोजक डॉ॰ अत्रि भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर अशोक कुमार श्रीवास्तव, देवेन्द्र सिंह, राकेश टंडन, जगत नारायण शर्मा, सिद्धेश्वर बैनर्जी, राजेन्द्र रंगप्पा, जितेन्द्र श्रीवास्तव, हेमंत राय, अभिषेक राय, धर्मेन्द्र सिंह, विनोद बागी, उमेश गुप्ता, राधेश्याम कमल, ओम प्रकाश सिनहा, पंकज त्रिपाठी, आनन्द कुमार मौर्य, शम्भूनाथ उपाध्याय, विमलेश चतुर्वेदी, मुन्नालाल साहनी, शशि विश्वकर्मा, अवधेश कुमार सिंह आदि ने भावाजंलि दी। अंत में शिवदेव नारायण राय व मो॰ शाहिद को श्रद्धांजलि दी गयी।

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