वाशिंगटन से खबर है कि सीआईए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) के लोग आईएसआई (पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी) पर पाबंदी लगाने के पक्ष में हैं. सीआईए के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी ब्रूस राइडल ने अमेरिकी प्रशासन से कहा है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर पाबंदी लगाए. खासकर उन अफसरों पर जरूर पाबंदी लगाए जो आतंकियों की मदद कर रहे हैं. आईएसआई द्वारा आतंकियों को मदद पहुंचाने के पुख्ता सुबूत हैं. आईएसआई अफसरों ने ही लादेन को पाकिस्तान में पनाह दी.
ब्रूस राइडल का कहना है- ”हमें पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को यह बता देना चाहिए कि अगर हमें पता चला कि उनका एक भी अधिकारी आतंकियो को पनाह दे रहा है, आतंकवादी अभियानों की साजिश रच रहा है या ड्रोन हमलों के बारे में आतंकियों के बम कारखानों को जानकारी दे रहा है तो हम इसे निजी तौर पर लेंगे. अगर आतंकियों को मदद देने वालों पर पाबंदी लगा दी जाती है तो वह संदिग्ध अधिकारी सबसे वांछित आतंकियों की हमारी सूची में आ जाएगा और अगर हम उसे गिरफ्तार कर सकेंगे और उसकी संपत्ति जब्त कर लेंगे. अगर वह यात्रा करता है तो हम उसे गिरफ्तार कर सकते हैं और उसके बच्चों को यहा अथवा ब्रिटेन के स्कूलों से निकाल सकते हैं. अगर वह वास्तव में खतरनाक है तो हम सीधी कार्रवाई कर सकते हैं.” ज्ञात हो कि ब्रूस राइडल ने ‘एम्ब्रेस : पाकिस्तान, अमेरिका एंड द फ्यूचर ऑफ द ग्लोबल जिहाद’ नामक किताब भी लिखी है.


