
बिहार/ नयी दिल्ली: बिहार में विधानसभा चुनावी तारीखों की घोषणा के साथ ही सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए में रूठने-मनाने का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो लोजपा प्रमुख एवं केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रामविलास पासवान के नाराज़ होने की खबरें आ रही हैं। जिसका कारण भाजपा की ओर से लोजपा को कम सीटों का ऑफर और पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह व उनके बेटों समेत लोजपा से बगावत कर जदयू में जानेवाले नेताओं की ‘हम’ के लिए को सीटें देना बताया जाता है। इस खबर के आने के बाद से भाजपा की ओर से पासवान को मनाने की कवायद भी शुरू हो गई है।
रामविलास पासवान की नाराज़गी के मुख्य तीन कारण हैं। पहला, भाजपा की ओर से सिर्फ 35 सीटों का ऑफर, जबकि लोजपा कम-से-कम 40 सीटें चाहती है। दूसरा, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह और दोनों बेटों अजय प्रताप व सुमित का जमुई व चकाई की सीटों पर दावा। तीसरा, 2005 में लोजपा से बगावत कर जदयू में जानेवाने अन्य नेताओं के लिए ‘हम’ को सीटें देना है। हम और रालोसपा की ओर से यह सुझाव दिये गए हैं कि भाजपा ने सहयोगियों के लिए जो सीटें छोड़ी हैं, उनमें से एक- दो सीटें ज्यादा-कम करके लोजपा, रालोसपा और हम के बीच बांट दी जाएं। हालांकि, इस फॉर्मूले को स्वीकार नहीं किया गया। बीजेपी के फॉर्मूले के तहत लोजपा 35 से 40, रालोसपा 20 से 25 और हम को 15 से 20 के बीच सीटें मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस मामले का हल जल्द ही निकल जायेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो शनिवार को होने वाली सीट शेयरिंग का संभावित एलान टल सकता है।


