Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

सीबीआई जांच के लिए कोर्ट जाएगा डा. सचान का परिवार

लखनऊ। लखनऊ जेल में संदिग्‍ध परिस्थितियों में मृत पाए गए डिप्टी सीएमओ डा. वाईएस सचान के परिजनों ने कहा है कि वे इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए कोर्ट का सहारा लेंगे। सचान के बड़े भाई रिटायर्ड डॉक्टर आरके सचान ने कहा कि हम शुरुआत से घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। हमें मामले की जांच कर रही राज्य सरकार की जांच एजेंसियों में कतई भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह राज्य सरकार सीबीआई जांच कराने के मामले को टाल रही है और ना-नुकर कर रही है, उसे देखते हुए हम हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग संबंधी याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं।

लखनऊ। लखनऊ जेल में संदिग्‍ध परिस्थितियों में मृत पाए गए डिप्टी सीएमओ डा. वाईएस सचान के परिजनों ने कहा है कि वे इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए कोर्ट का सहारा लेंगे। सचान के बड़े भाई रिटायर्ड डॉक्टर आरके सचान ने कहा कि हम शुरुआत से घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। हमें मामले की जांच कर रही राज्य सरकार की जांच एजेंसियों में कतई भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह राज्य सरकार सीबीआई जांच कराने के मामले को टाल रही है और ना-नुकर कर रही है, उसे देखते हुए हम हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग संबंधी याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं।

इससे पहले राज्य सरकार ने इस घटना की सीबीआई जांच कराने के इनकार कर दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने गुरुवार रात को कहा था कि राज्य सरकार द्वारा मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए न्यायिक जांच कराई जा रही है। इस मामले का सीबीआई जांच कराने का कोई औचित्य नजर नहीं आ रहा है। यह मामला प्रथम दृष्‍टया आत्‍महत्‍या का लग रहा है। वहीं राज्‍य सरकार के पहली नज़र में सचान की मौत को आत्महत्या करार देने के दावे को खारिज करते हुए पीड़ित परिवार ने कहा कि जब तक उन्हें सीबीआई जांच का आश्वासन नहीं मिलेगा, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

डा. सचान का शव बुधवार देर शाम लखनऊ जेल परिसर के अस्पताल के निर्माणाधीन शौचालय में बेल्ट से लटका मिला था। घटनास्‍थल पर काफी मात्रा में खून पड़ा था। जेल प्रशासन ने मौत को आत्महत्या बताया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों से पुलिस द्वारा बताई गई आत्महत्या की कहानी पर सवाल उठ रहे हैं और मौत के पीछे साजिश के संकेत मिल रहे हैं। कैबिनेट सचिव ने बताया कि सचान के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कुल नौ चोटें पाई गईं। कोहनी, जांघ, गर्दन और कलाई में आठ चोटें धारदार हथियार की थीं, जबकि गले पर फंदे का निशान था। रिपोर्ट में मौत की वजह अधिक रक्तस्राव होना बताया गया है।

उन्होंने कहा कि पीएम रिपोर्ट के बाद ऐसा लग रहा है कि डा. सचान ने पहले बेल्ट से गले में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उन्होंने ब्लेड से अपने शरीर के विभिन्न अंगों पर गहरे जख्म कर लिए, जिसके बाद अधिक रक्तस्राव के चलते उनकी मौत हो गई। शव के पास से एक ब्लेड बरामद किया गया था।

कैबिनेट सचिव ने कहा कि जांच शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने ड्यूटी में लापरवाही के लिए जेलर जेपी श्रीवास्तव, डिप्टी जेलर सुनील कुमार सिंह, मुख्य बंदी रक्षक बाबू राम दुबे और बंदी रक्षक अनिक कुमार और राम नरेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौतबलब है‍ कि परिवाण कल्‍याण विभाग के सीएमओ डा. बीपी सिंह की गत दो अप्रैल को हुई हत्या के बाद पुलिस की जांच में परिवार कल्याण विभाग में सामने आई विभागीय अनियमितताओं के संबंध में डिप्टी सीएमओ डा. सचान को गिरफ्तार किया गया था। तब से वह लखनऊ जेल में थे। गुरुवार को ही उनकी कोर्ट में पेशी होनी थी।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...