पाकिस्तान ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राजस्थान के जैसलमेर बाड़मेर क्षेत्र से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के सामने अपने क्षेत्र में युद्धक प्रणाली को और मजबूत करते हुये भारी संख्या में नये बंकरों और कच्चे पक्के मोर्चों का निर्माण किया है. रक्षा एवं खुफिया विभाग से जुडे अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने अपनी सामरिक ताकत को मजबूत करने के लिए जोरदार प्रयास शुरू किये है. खासकर ऑपरेशन पराक्रम के बाद पाकिस्तान ने अपनी युद्धक प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई सामरिक निर्माण कार्य करवाये है. पाकिस्तान द्वारा ताजा प्रयास भारी मात्रा में सीमा क्षेत्रों में नये बंकरों को बनाना है.
सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन चार महीनों में पाकिस्तान जैसलमेर के सामने 60 से ज्यादा तथा बाड़मेर के सामने 48 से ज्यादा नये बंकर बनाये गये है. पाकिस्तान ने जैसलमेर के लोंगेवाला, तनोट किशनगढ़ क्षेत्र के सामने इस्मालगढ, सखीरे वाला, मिर्जावाला, टोबा कंडेरा आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में नये बंकर बनाये है इसके साथ ही लगभग अपनी हर सीमा चौकी पर तीन से चार नये बंकर बनाये है. सूत्रों ने बताया कि इसी तरह बाड़मेर के सामने पाकिस्तान ने पिछले एक साल में भारी संख्या में नये बंकरों का निर्माण किया हैं. पाकिस्तान की 55 इन्फेन्ट्री बिग्रेड ने गत एक वर्ष में पाकिस्तान के सीमा क्षेत्र में मिठारिया चारण, चारनोट, कीतारी बेदानी, जेतारण, चापस शाकरियों आदि क्षेत्रों में करीब 45 से ज्यादा नये बंकर बनाये हैं साथ ही कई कच्चे पक्के मोर्चों का भी निर्माण किया हैं. कई सीमा चौकियों पर भी तीन तीन बंकरों को बनाया गया है.
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने सीमा क्षेत्र में अपनी संचार व्यवस्था को भी मजबूत किया है. सांगढ़ आदि कई महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र में 10 एमएम की नयी संचार लाइनें बिछाई गई है. इसके अलावा उसके द्वारा एक विशाल सैन्य छावनी का भी निर्माण कराया जा रहा है. उधर रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी भी गत दिनों संसद में इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि पाकिस्तान ने पिछले सात सालों में बड़े पैमाने पर नये बंकरों का निर्माण किया हैं. रक्षा प्रवक्ता कर्नल एस.डी. गोस्वामी ने बताया कि गत 14 मार्च को राज्यसभा सदस्य महेन्द्र मोहन द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ने सदन को सूचित किया कि पाकिस्तान द्वारा भारत से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट वर्ष 2004 से 2011 तक के समय में 886 बंकर, 261 मोर्चो, 398 टावर एवं 143 बार्डर आउट पोस्टों का निर्माण किया है. एंटनी ने सदन को बताया कि अपने खुफिया इनपुट के जरिये सरकार को पता चला है कि पाकिस्तान किस तरह बंकर, मोर्चो एवं टावरों को बनाने का कार्य जारी रखे हुये हैं. रक्षा मंत्री ने बताया कि बीएसएफ द्वारा पाकिस्तानी रेंजर्स के समक्ष फ्लैग मीटिंग में फील्ड कमांडर के समक्ष निर्माण कार्य के मुद्दे उठाये जाते हैं तथा इनका विरोध भी किया जाता है.
दुर्ग सिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट.


