Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

Uncategorized

सुप्रसिद्ध साहित्यकार पुष्पा भारती ने किया ”हल्की सी धूप” का लोकार्पण

मुंबई।  केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान तथा आशीर्वाद संस्था के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई में संगीता बाजपेयी के 20 कहानियों का संकलन हल्की सी धूप का लोकार्पण सुप्रसिद्ध साहित्यकार पुष्पा भारती ने किया। पुष्पा भारती ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए संगीता बाजपेयी के अंदर छुपी संभावनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि लेखिका यदि एकाग्रचित होकर लिखती रहे तो निश्चित ही आगे चलकर वह एक अच्छी साहित्यकार बन सकती हैं।

मुंबई।  केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान तथा आशीर्वाद संस्था के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई में संगीता बाजपेयी के 20 कहानियों का संकलन हल्की सी धूप का लोकार्पण सुप्रसिद्ध साहित्यकार पुष्पा भारती ने किया। पुष्पा भारती ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए संगीता बाजपेयी के अंदर छुपी संभावनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि लेखिका यदि एकाग्रचित होकर लिखती रहे तो निश्चित ही आगे चलकर वह एक अच्छी साहित्यकार बन सकती हैं।

 

सुप्रसिद्ध  कहानीकार सूर्यबाला ने लेखिका की शैली और कथ्य की प्रशंसा की। उद्घोषक हरीश भिमानी ने कहा कि लेखकों को आलोचना से डरना नहीं चाहिए । सही आलोचना से अच्छा साहित्य लिखने की प्रेरणा मिलती है । फिल्म रायटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जलीस शेरवानी ने कहा कि आजकल अच्छे साहित्य की कमी है । हमारी इंडस्ट्री को संगीता बाजपेयी जैसे लेखकों की सख्त जरूरत है। इसके अतिरिक्त प्रो जे.पी.दीक्षित, अंजन श्रीवास्तव, अचला नागर, राजम पिल्लई ने भी हल्की सी धूप पर अपने वक्तव्य दिए। आशीर्वचन देने वालों में से राजकुमार बड़जात्या, कुमार बिहारी पाण्डेय, नरेश सोनी, पत्रकार अभिजीत राणे, संगीतकार ललित पंडित और राहुल सेठ, इंडियन आयडल गायक तौकीर काजी, गीतकार तुराज प्रमुख थे। विष्णु शर्मा ने हल्की सी धूप से एक कहानी शांतीदूत का पाठन किया । स्वागत फिशरीज इंस्टिटियूट के कुलपति डॉ वजीर लाकड़ा ने किया तथा कार्यक्रम का कुशल संचालन अनंत श्रीमाली तथा धन्यवाद ज्ञापन नीता बाजपेयी ने किया।

इस अवसर पर फिशरीज इंस्टिटियूट के कुलपति डॉ वजीर लाकड़ा, फिल्म रायटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जलीस शेरवानी, कुतुबनुमा की संपादिका डॉ. राजम नटराजम पिल्लै, मुंबई मित्र/वृत्त मित्र के संपादक अभिजीत राणे, सुप्रसिद्ध कहानीकार डॉ. सूर्यबाला, सुप्रसिद्ध् लेखिका डॉ. अचला नागर, फिल्म रायटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जलीस शेरवानी, प्रो जे.पी.दीक्षित, अंजन श्रीवास्तव, फिल्मकार राजकुमार बड़जात्या, कुमार बिहारी पाण्डेय, उद्घोषक हरीश भिमानी, आदि सहित अनेक लब्धप्रतिष्ठित साहित्यकार एवं चलचित्र जगत की प्रमुख हस्तियाँ मौजूद थीं।

मुंबई से आफताब आलम की रिपोर्ट

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...