Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

सेक्‍स की मंडी में सांपों की तस्‍करी

लखीमपुर खीरी वन्यजीव तस्करों का नया ठिकाना बन चुका है. मुम्बई समेत भारत के सभी प्रमुख समुद्री ठिकानों से बड़े तस्कर गिरोहों ने यहाँ अपना जाल बिछा लिया है. आम तौर पर बाघ के खाल, नाख़ून और दांत ही इन तस्करों के पसंदीदा माने जाते थे पर अब इनकी काली निगाह साँपों पर है. लखीमपुर के जंगली इलाकों में पाये जाने वाले दो मुंहें सांप की सबसे ज्यादा मांग है. सबसे ज्यादा कीमत तीन किलो वजन के दोमुंहे सांप की है. डबल इन्जेंन के नाम से इनकी डील होती है और जयपुर के रास्ते मुम्बई के सौदागर यहाँ के दो मुंहें सापों के लिए एक करोड़ की कीमत देने के लिए खुशी खुशी तैयार होते हैं.

लखीमपुर खीरी वन्यजीव तस्करों का नया ठिकाना बन चुका है. मुम्बई समेत भारत के सभी प्रमुख समुद्री ठिकानों से बड़े तस्कर गिरोहों ने यहाँ अपना जाल बिछा लिया है. आम तौर पर बाघ के खाल, नाख़ून और दांत ही इन तस्करों के पसंदीदा माने जाते थे पर अब इनकी काली निगाह साँपों पर है. लखीमपुर के जंगली इलाकों में पाये जाने वाले दो मुंहें सांप की सबसे ज्यादा मांग है. सबसे ज्यादा कीमत तीन किलो वजन के दोमुंहे सांप की है. डबल इन्जेंन के नाम से इनकी डील होती है और जयपुर के रास्ते मुम्बई के सौदागर यहाँ के दो मुंहें सापों के लिए एक करोड़ की कीमत देने के लिए खुशी खुशी तैयार होते हैं.

सैंड बोअया नाम का यह सांप तस्करों के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि अब लखीमपुर के स्थानीय तस्कर इसमें भी चालाकी करने लगे हैं. दरअसल तीन किलो वजन से कम के सांप की कीमत नहीं होती इसलिए खरीदारों को धोखा देने के लिए छोटे सांप के पेट में कंडोम में लोहे कि गोलियाँ भर दी जाती हैं जिससे उसका वजन बढ़ जाये. वजन बढ़ाने का एक दूसरा उपाय भी है, सायकिल पम्प के नाली के जरिये गीली मिटटी भरना या फिर ग्लूकोज के इंजेक्शन लगाये जाते हैं. हांलाकि इस तरह के उपायों से सांप कि जिंदगी अधिकतम सिर्फ तीन दिनों की ही होती है पर तस्करों के लिए इतना ही काफी है. तस्करी के इस धंधे में लखीमपुर से सितारगंज और कतरनिया घाट के बीच के छोटे कस्‍बे बड़े केंद्र के रूप में उभरें हैं. यहाँ के छोटे चौराहे चट्टियों पर बड़े सौदे होते हैं. साँपों के एक तस्कर आशीष सिंह (बदला नाम) बताते हैं कि खरीदार इन साँपों को पाते ही उसके बोन मेरो निकाल लेते हैं और यह अरब देशों में भेजा जाता है. जानकर बताते हैं कि डबल इंजन के बोन मेरो का इस्तेमाल यौनवर्धक दवाओं को बनाने में काम आता है जिसकी अरब देशों में बड़ी मांग है. लखीमपुर में तैनात रहे एक बड़े पुलिस अधिकारी कि माने तो तस्करी के इस खेल में स्थानीय पुलिस की बड़ी भूमिका रहती है और यह उनकी कमाई का एक प्रमुख जरिया है.

लेखक उत्‍कर्ष सिन्‍हा वरिष्‍ठ पत्रकार तथा एक्टिविस्‍ट हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...