: एक सप्ताह से अस्पताल में मंगल मना रहे थे आब्दी : रीता जोशी का घर फूंकने पर मिला था राज्यमंत्री का ओहदा : सीजेएम ने जम कर हड़काया तो हुई रवानगी जेल को : लखनऊ: बसपा के नेता इंतिजार हसन आब्दी को आखिरकार जेल जाना ही पड़ा। मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की कड़ाई के चलते आब्दी की सारी कवायद धरी की धरी रह गयी। डॉक्टरों ने भी अदालती आदेश के बाद अपने हाथ खड़े करते हुए उनकी और ज्यादा मदद करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने बलरामपुर अस्पताल पहुंच कर आब्दी को कड़ी सुरक्षा में जिला जेल रवाना कर दिया।
सैफी हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने जब कुछ शूटरों को दबोचा तो उन्होंने सारा स्याह-सफेद कुबूल कर लिया। इस कुबूलनामे की वीडियोग्राफी कराते हुए दिल्ली पुलिस ने उसे यूपी के अफसरों के पास भेज दिया। हालांकि सैफी हत्याकांड में एसटीएफ को पहले से ही इंतिजार आब्दी के खिलाफ सुराग मिल चुके थे, लेकिन आब्दी के राजनीतिक कद और संरक्षण को देखते हुए पुलिस उन पर हाथ डालने में कतरा रही थी। दरअसल, इंतिजार आब्दी को प्रदेश सरकार ने खासतौर पर राज्यमंत्री के ओहदे से नवाजते हुए उन्हें लाल बत्ती अता फरमा रखी थी। आब्दी को यह तोहफा तब मिला था जब बलात्कार के मसले पर मुरादाबाद में कांग्रेस की बड़बोली प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने मायावती पर जहरीली टिप्पणी कर दी थी और इस पर बौखलाये बसपाइयों ने आब्दी के नेतृत्व में रीता बहुगुणा जोशी का घर आला पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में फूंक दिया था।
लेकिन दिल्ली पुलिस की सीडी मिलने के बाद यूपी पुलिस सक्रिय हो गयी। आनन-फानन बसपा के आला राजनीतिक लोगों से इजाजत लेने के बाद आखिरकार आब्दी को पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया। इसी बीच आब्दी की लाबी ने सक्रिय होकर उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया। जेल प्रशासन ने इस पर ऐतराज जताया तो अदालत ने आब्दी की बीमारी का ब्योरा तलब कर लिया। बलरामपुर अस्पताल में डाक्टरों ने अदालत को भेजी अपनी रिपोर्ट में उन्हें कई बीमारियों से ग्रस्त बता दिया। लेकिन उनकी दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने जब कड़ा नजरिया अख्तियार कर लिया तो शनिवार को पुलिस ने उन्हें जेल पहुंचा दिया।


