सोनभद्र में दशकों से हो रहे अवैध खनन और मजदूरों की अप्रत्यक्ष हत्या के खिलाफ मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी यानी पीयूसीएल ने बिगुल फूंक दिया है। अवैध खनन में लिप्त सोनभद्र के जिलाधिकारी और खान अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग को लेकर पीयूसीएल के प्रदेश अध्यक्ष चितरंजन जी बुधवार को राबर्ट्सगंज तहसील परिसर में विभिन्न मांगों के साथ धरने पर बैठे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार से बीती 27 फरवरी को बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुए खान हादसे में मारे जाने वाले मजदूरों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये मुआवजे दिए जाने की मांग की।
बता दें कि इस साल 27 फरवरी को बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में शारदा मंदिर के पास एक पत्थर की खदान धंस जाने से करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो गई। हालांकि प्रशासन 10 लोगों के मरने की पुष्टि कर रहा है। उस समय जिला प्रशासन ने अवैध खनन और खनन माफियाओं के खिलाफ एक से बढ़कर एक कार्रवाई करने की बात कही थी। लेकिन कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन ने जिले में खनन का काम फिर से शुरू करा दिया है, जिसमें कई अवैध खदानें और क्रशर प्लांट संचालित हो रहे हैं।
सोनभद्र से शिवदास की रिपोर्ट.


