मेरा सपना—–
मै भी खोलूँगा एक चैनल,
बिहार झारखण्ड का रखूंगा पैनेल,
गदहो की भी होगी नियुक्ति ,
चरित्रहीनो की होगी गद्दी
कौआ रंग के संपादक होंगे,
और पऊआ वाले संवाददाता,
मै भी खोलूँगा एक चैनल।
चैनल के नाम पर विवाद—–
सोचा चैनल का, क्या नाम रखूं,
विज्ञापन का क्या – क्या दाम रखूं,
चैनल हेड बना एक कौआ,
चैनल का नाम रखा ऊ पऊआ,
हेडिंग दिया “खबरों में नशा”
पेड न्यूज़ में सम्पादक फंसा,
मै भी खोलूँगा एक चैनल।
चैनल लॉन्चिंग के दौरान—-
बिहार / झारखण्ड का है ये शान,
टी आर पी से काटा है सबका कान,
बुक कर दिया एगो हॉल,
मुंबई से बुलाया बेबिडोल,
चैनल लॉन्चिंग के दौरान,
खूब चला भई मदिरा पान,………..खूब चला भाई मदिरा पान,
भई! खोल लिया मै भी एक चैनल।
वेकेंसी और करेंसी —–
सिर्फ लड़कियों का निकाला वेकेंसी,
रखा था उसमे शर्त ही ऐसी,
कि ड्रेस पहन कर आना है फैंसी,
इंटरव्यू लिया भी मैंने,
पूछा कितना लोगी करेंसी………….पूछा कितना लोगी करेंसी,
भई! खोल लिया मै भी एक चैनल।
लड़कियां ही लड़कियां और वोक्स पॉप (WOXPOP)
एक दिन मैंने लिया क्लास,
साड़ीवाली को, कहा बकवास,
पहनेंगी सिर्फ जो जींस-टॉप ही ,
उनकी चलेगी सिर्फ वोक्स पॉप (WOXPOP) ही,
और रही बात तो पी2सी (P2C)की,
तो रिक्रूट करेंगे और भी लड़की…… तो रिक्रूट करेंगे और भी लड़की,
भई! खोल लिया मै भी एक चैनल।
ईमानदारों पर फतवा—-
ईमानदारों की अब खैर नही,
चैनल से उनका वैर सही,
ट्रांसफर पोस्टिंग करो विजुअल का,
सम्बन्ध! नेताओं से, रखो इक्वल का,
पऊआ करेगा सिर्फ पेड न्यूज़,
पैसा लेकर चलाओ इंटरव्यूज़,
भई! खोल लिया मै भी एक चैनल।
मैनेजमेंट का डंडा—-
कबूतरबाज़ मैनेजमेंट में आया ,
25 वर्ष का अनुभव बताया,
ऐडवर्टटाईज़मेंट लाने का बताता फंडा,
टर्मिनेशन का देता ऊ डंडा,
तरह तरह का बनाता प्रोपगैंडा,
ऐड के लिए रखों सब गिरवी,
तभी चलेगी पऊआ में भी पेरवी,
भई! खोल लिया मै भी एक चैनल,
बिहार झारखण्ड का रखा हूँ पैनेल।
हिमांशु रांची में पढ़ाई कर रहे हैं. उनकी यह कविता उनके ब्लॉग से साभार ली गई है.


