Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

शेहला मसूद हत्‍याकांड : जाहिदा-सबा ने कहा – जिसका पहले नाम आया वही ‘मास्‍टर माइंड’

: सीबीआई पर डील का इल्जाम लगाया : इंदौर : ‘सच छापिए ना, क्या आपको नहीं पता मास्टर माइंड कौन है? ‘मास्टर माइंड’ तो वहीं है जिसका नाम पहले आया था, हम लोगों को तो फंसाया गया है। पूरी बात नहीं बता सकते है भइया, आपको तो मालूम है कि सीबीआई वाले कैसा सलूक कर रहे है।’ उक्त बात मंगलवार को इंदौर की सीबीआई की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी से लौटते हुए चलते-चलते शेहला मसूद हत्याकांड की मुख्य षड़यंत्रकारी मानी जा रही जाहिदा परवेज की राजदार सहेली सबा फारूखी ने मीडियाकर्मियों से कही।

: सीबीआई पर डील का इल्जाम लगाया : इंदौर : ‘सच छापिए ना, क्या आपको नहीं पता मास्टर माइंड कौन है? ‘मास्टर माइंड’ तो वहीं है जिसका नाम पहले आया था, हम लोगों को तो फंसाया गया है। पूरी बात नहीं बता सकते है भइया, आपको तो मालूम है कि सीबीआई वाले कैसा सलूक कर रहे है।’ उक्त बात मंगलवार को इंदौर की सीबीआई की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी से लौटते हुए चलते-चलते शेहला मसूद हत्याकांड की मुख्य षड़यंत्रकारी मानी जा रही जाहिदा परवेज की राजदार सहेली सबा फारूखी ने मीडियाकर्मियों से कही।

जब मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा कि क्या आरोप लगा रही हैं तो सबा ने कहा ‘अच्छा..अच्छा…अच्छा। सीबीआई उससे मिली हुई है यह आरोप नहीं लगा रहे हैं, बोल रहे हैं। सीबीआई वालों से पूछो कि क्या हुआ। जाहिदा ने भी उसके सुर में सुर मिलाए जब उनसे पूछा गया कि मामले में विधायक ध्रुव नारायणसिंह का क्या रोल है? तो वह बोली मैं क्यों बताऊं, आप ही पता करो। सीबीआई से ‘डील’ के बारे में पता करो ना, सीबीआई अब क्यों पता नहीं कर रही। इस प्रकार की बातें कहकर जाहिदा-सबा ने इशारों ही इशारों में एक बार फिर प्रदेश के सत्ताधारी दल भाजपा के विधायक की भूमिका को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है क्योंकि मामले में वे सभी लोग आरोपी के रूप में जेल में हैं, जिनका नाम हत्याकांड में आया था सिवाय ध्रुव के। इसके पहले पोलोग्राफी टेस्ट के चलते विधायक की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे। हांलाकि सीबीआई ने अभी तक उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं की है।

मंगलवार को सीबीआई की स्पेशल मजिस्ट्रेट डा. शुभ्रासिंह ने ध्रुव की वह अर्जी भी खारिज कर दी जिसमें उनका पोलोग्राफी टेस्ट नहीं होने की बात कही गई थी। अदालत ने केस डायरी के साथ सीएफएसएल, नईदिल्ली के विभागाध्यक्ष की अंतरिम रिपोर्ट का अवलोकन किया जिसके मुताबिक 14 मार्च को दिल्ली में प्री-पोलोग्राफी टेस्ट करने का उल्लेख किया गया है जिसे कोर्ट ने अपनी प्रोसेडिंग में ‘प्रथम टेस्ट’ लिखा था। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक हेमंत शुक्ला ने भी इस बात पर गहरी आपत्ति ली थी कि ध्रुव को अनुसंधान के बारे में जानकारी लेने का अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने ध्रुव की अर्जी खारिज करते हुए अहम टिप्पणी की कि ‘ध्रुव द्वारा आवेदन किस मंशा के साथ दिया गया था, यह अस्पष्ट है। सीबीआई अनुसंधान में किसी को भी कोई अधिकार नहीं है कि वह अनुसंधान की स्थिति जानें। कोर्ट भी सिर्फ अनुसंधान की स्थिति ही जान सकती है लेकिन उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। अर्जी का कोई सार्थक उद्देश्य नहीं है और न आशय, जिसे स्वीकार या निरस्त किया जाएं।’ इसके अलावा कोर्ट ने साकिब अली उर्फ डेंजर की पत्नी नूरजहां की वह अर्जी भी खारिज कर दी जिसमें सीबीआई पर उसके परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने माना कि सीबीआई पर दवाब बनाने के मकसद से अर्जी लगाई गई थी क्योंकि साकिब के घर से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का कट्टा बरामद हुआ था।

चलेगा जेल का कानून : जाहिदा व सबा ने पूर्व में एक अर्जी देकर कहा था कि उन्हें संयुक्त बैरक में अलग रखा जाएं, उन्हें बैरक में झाडू लगाना पड़ती है जबकि उन्हें क्रमश: अस्थमा व तिल्ली की बीमारी है। जिस पर जिला जेल अधीक्षक का जवाब 28 मार्च को कोर्ट को मिल गया था, जिसमें कहा गया था कि गंभीर अपराध के कैदियों को महानिदेशक (जेल व सुधारात्मक सेवाएं) भोपाल के 11 नवंबर 2011 के प्रे‍षित पत्र के मुताबिक अलग-अलग रखा जाता है और कैदियों को स्वंय बैरक की सफाई करना होती है। इस पर कोर्ट ने संतोष जताते हुए कहा कि मामले में निर्देश देने योग्य परिस्थितियां नहीं होने से अर्जी खारिज की जाती है। आरोपियों को स्वस्थ को लेकर तकलीफ है तो वह जेल अधीक्षक को बताएं वे उनके ईलाज की व्यवस्था कराएंगे।

चारों पहुंचे फिर जेल : सुनवाई के बाद जाहिदा, सबा व इरफान को जिला जेल व साकिब को न्यायिक हिरासत में 11 अप्रैल तक सेंट्रल जेल भेजा गया है। गौरतलब है कि आरटीआई कार्यकर्ता शेहला मसूद उनके भोपाल स्थित घर के बाहर 16 अगस्त 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। कत्ल की वारदात के अन्य आरोपियों में हत्यारों का इंतजाम करने का मुलजिम साकिब अली उर्फ ‘डेंजर’, भाड़े का कथित हत्यारा इरफान और संदिग्ध कातिल ताबिश खान शामिल हैं। कानपुर से ताल्लुक रखने वाला खान भोपाल निवासी ‘डेंजर’ का चचेरा भाई है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...